बरेली। कमिश्नर सौम्या अग्रवाल ने देश को वन ट्रिलियन डालर की अर्थव्यवस्था बनाने और जीडीपी बढ़ाने के संबंध में मंडल के जिलों के योगदान की समीक्षा की। उन्होंने पाया गया कि चीजों का उत्पादन बढ़ रहा है, लेकिन उत्पादकता घट रही है। खाद्यान्न का उत्पादन बढ़ रहा है, लेकिन प्रोडेक्टविटी कम हुई है। दालों के उत्पादन में बरेली आगे है तो गन्ने का उत्पादन घटा है। जिस पर प्रोडक्टिविटी कम होने पर सीडीओ को समीक्षा कर सुधार करने के निर्देश दिए हैं।
विकास भवन सभागार में सोमवार को हुई मंडलीय बैठक में कमिश्नर ने परिवार रजिस्टर की स्कैनिंग की प्रगति भी जांची। उन्हें बताया गया कि खरीफ-2025 डिजिटल क्राॅप सर्वे मुख्यतः पंचायत सहायकों की आईडी बनाकर कराया जा रहा है। कमिश्नर ने धान खरीद की समीक्षा में पाया कि वर्तमान वर्ष के लिए मिलों से 205 आवेदन प्राप्त हुए हैं। 408 धान केंद्र अनुमोदित हुए हैं। इसी तरह स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में टीबी प्रोग्राम एनटीईपी (नेशनल ट्यूबरक्लोसिस एलिमिनेशन प्रोग्राम) के तहत विभिन्न घटकों की प्रगति पर चर्चा हुई। शाहजहांपुर में विशेष रूप से निक्षय पोषण पोटली वितरण में सुधार लाने के लिए कहा गया। 50 करोड़ रुपये से ऊपर के कार्यों की समीक्षा में पता चला कि दातागंज में राजकीय डिग्री कॉलेज की स्थापना व बरेली में सेटेलाइट बस अड्डे की स्थापना का कार्य अनारंभ है। संवाद
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पीलीभीत की सभी गोशाला कैमरे से लैस
कमिश्नर को बताया गया कि मंडल में 627 पशु आश्रय स्थल हैं। इनमें वर्तमान में 66,389 गोवंश संरक्षित हैं। गोवंशों को रात के समय दुर्घटना से बचाने के लिए रेडियम बेल्ट पहनाने की प्रक्रिया बरेली में चल रही है। बदायूं में अभियान प्रारंभ किया गया है। शाहजहांपुर व पीलीभीत में बजट के अभाव में कार्य लंबित हैं। शाहजहांपुर में 10 के सापेक्ष पांच गोशाला बनी हैं। पीलीभीत की सभी गोशालाएं सीसीटीवी कैमरे से लैस हैं।