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Bareilly News: पीडब्ल्यूडी के पांच अभियंताओं के खिलाफ आरोपपत्र जारी

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बरेली। बरेली-सितारगंज हाईवे और रिंग रोड के निर्माण के लिए चिह्नित जमीन पर बनी परिसंपत्तियों के मूल्यांकन का सत्यापन करने में फंसे लोक निर्माण विभाग के पांच अभियंताओं को आरोपपत्र जारी किए गए हैं। माहभर में आरोपों पर जवाब देना होगा। जवाब का परीक्षण कर मुख्य अभियंता अपनी संस्तुति विभागाध्यक्ष और शासन को भेजेंगे। वहीं से अगली कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।
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पीडब्ल्यूडी के तत्कालीन एक्सईएन नारायन सिंह, सहायक अभियंता (एई) स्नेहलता श्रीवास्तव, अवर अभियंता (जेई) अंकित सक्सेना, राकेश कुमार और सुरेंद्र सिंह ने परिसंपत्तियों के मूल्यांकन का सत्यापन किया था। सीडीओ की जांच में ये सभी जिम्मेदार पाए गए थे। इसके बाद शासन ने बरेली जोन के मुख्य अभियंता अजय कुमार को विभागीय जांच के आदेश दिए थे। मुख्य अभियंता ने सीडीओ और अपर आयुक्त प्रशासन की जांच रिपोर्ट के आधार पर पांचों अभियंताओं को आरोपपत्र जारी कर दिया है।
आरोपी अभियंताओं में से नारायन सिंह सेवानिवृत्त हो चुके हैं। स्नेहलता श्रीवास्तव, अंकित सक्सेना, राकेश कुमार और सुरेंद्र सिंह को निलंबित किया गया था। इसमें अंकित सक्सेना और राकेश कुमार को हाईकोर्ट के हस्तक्षेप पर बहाल कर दिया गया है, लेकिन जांच जारी है।
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यह है मामला
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने निजी एजेंंसी के जरिये चिह्नित जमीनोंं पर बनी परिसंपत्तियों का मूल्यांकन कराया। मूल्यांकन के सत्यापन की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं की थी। शिकायत पर जांच हुई तो अभियंता जिम्मेदार ठहराए गए। साथ ही, सीडीओ ने विशेषज्ञ समिति से मामले की जांच कराने की संस्तुति की थी। अमर उजाला ब्यूरो
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