बरेली। पीएसी में डिप्टी कमांडेंट के पद पर रहने के दौरान सिपाही के जीपीएफ एकाउंट से सात लाख रुपये निकालने के आरोप में एसपी क्राइम आदित्य वर्मा और बाबू फंस गए हैं। दोनों के खिलाफ सिपाही ने 26 नवंबर को धोखाधड़ी करने के आरोप में एटा कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है।
पीएसी के सिपाही रामसूरत का आरोप है कि उसका तबादला मिर्जापुर जिले में हो जाने के बाद उसकी जीपीएफ पासबुक 43 वीं वाहिनी पीएसी(एटा) में ही रह गई थी। तत्कालीन पीएसी के डिप्टी कमांडेंट (वर्तमान में एसपी क्राइम बरेली) आदित्य वर्मा ने अपने कार्यालय के बाबू से सांठगांठ करके उसके जीपीएफ से सात लाख रुपये निकलवा लिए। उन्हीं से हस्ताक्षर से यह रकम निकाली गई, इसलिए यह सब उनकी जानकारी में था। वह पासबुक लेने के लिए पीएसी कार्यालय पहुंचा तो उसके सात लाख रुपये निकाले जा चुके थे। सिपाही रामसूरत ने एटा कोतवाली में एसपी क्राइम और बाबू राजकुमार के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया है। सिपाही की तहरीर पर मुकदमा लिखे जाने के बाद एसपी क्राइम बुरी तरह से फंस गए हैं। उन्होंने सिपाही से बातचीत करके मसले को निपटाने के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं।
मेरा इस धोखाधड़ी के कोई लेनादेना नहीं है। बाबू ने पीएसी के सिपाही के जीपीएफ खाते से सात लाख रुपये निकालकर अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए थे। विवेचना के दौरान यह बात सामने भी आ जाएगी- आदित्य वर्मा, एसपी क्राइम