नवाबगंज। मुकदमे में जमा रिश्वत के रुपयों को थाने के मुख्य आरक्षी ने बदल कर कोर्ट में पेश कर दिया, जब उससे रुपये बदले जाने के बारे में पूछताछ की गई तो उसने नोटों के चूहों के द्वारा कुतर कर नष्ट कर देने की बात कहते हुए अनभिज्ञता में नोट बदलने की बात कही।
जिस पर हुई जांच के बाद एसएसपी ने उसके खिलाफ रिपोर्ट लिखाने के आदेश दिए। 12 फरवरी वर्ष 2021 को एंटी करप्शन की टीम ने छापामारी कर नवाबगंज तहसील में तैनात लेखपाल जयेंद्रपाल को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था।
टीम को उसके पास से रिश्वत के पांच-पांच सौ रुपये के 20 नोट मिले थे। रिश्वत के रुपयों के अलावा टीम को उसके पास से 80361 रुपये, मोबाइल फोन, आधार कार्ड, पैन कार्ड भी मिला था। उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने के बाद एंटी करप्शन की टीम ने यह चीज मुख्य आरक्षी उदयवीर सिंह के सुपुर्द कर दिया था।
लेखपाल की तलाशी में मिले उसके रुपये व अन्य सामान को कोर्ट के आदेश पर रिलीज कर दिया गया था। वर्ष 2024 में ट्रायल के दौरान कोर्ट में बरामद किए गए सामान को पेश न कर उसके स्थान पर पांच-पांच सौ के 20 नोट को बदल कर पेश कर दिया गया। पूछने पर यह मामला खुल गया।
एसपी सिटी ने जांच की तो उन्होंने पाया कि मुख्य आरक्षी ने जानबूझकर आपराधिक कृत्य किया है। उसने अभियुक्त को लाभ पहुंचाया है। एसएसपी के आदेश पर शनिवार को एसएसआई रत्नेश कुमार की ओर से मुख्य आरक्षी उदयवीर के खिलाफ थाना नवाबगंज में रिपोर्ट लिखाई गई है। संवाद