बरेली। नवीन शैक्षिक सत्र ने अभिभावकों के बजट को बिगाड़ दिया है। एक तरफ स्कूलों की बढ़ी फीस तो दूसरी ओर किताबों के बढ़े दाम से उनकी जेब ढीली हो रही है। प्रकाशक और विक्रेताओं की ओर से किताबों के कवर व रंग बदलकर 12 से 25 प्रतिशत तक दाम बढ़ा दिए गए हैं। पाठ्यक्रम में एक शब्द का भी बदलाव नहीं हुआ है।
सीबीएसई-आईसीएसई का नया सत्र शुरू हो गया है। इस समय स्कूल संबंधित सामग्री खरीदने के लिए दुकानों पर भीड़ लग रही है। कई बार तो स्टॉक खत्म होने की वजह से अभिभावकों को लौटना पड़ रहा है। स्कूल संचलाक, प्रकाशक व पुस्तक विक्रेताओं की साठगांठ अभिभावकों पर भारी पड़ रही है। कक्षा एक की अंग्रेजी व्याकरण की किताब ग्रोइंग विद ग्रामर पहले हल्के नारंगी रंग की थी, जिसका दाम 180 रुपये था। वहीं, इस सत्र में उसका रंग बदलकर गुलाबी और दाम 225 रुपये कर दिया गया है। पाठ्यक्रम में कोई बदलाव नहीं है। अन्य विषयों की किताबों का भी यही हाल है।
कक्षा 9वीं, 10वीं की किताबों को रूप बदले बिना ही रेट बढ़ा दिए गए। बिलकुल एक जैसी किताब पर 2022-23 की जगह 2023-24 छापकर दाम 50 से 100 रुपये तक बढ़ा दिए गए। कुछ विद्यार्थियों ने अपने सीनियर्स से तो कुछ ने आधे दामों में पुरानी किताबें खरीदकर पैसे बचाएं हैं। अधिकांश को ज्यादा दाम देकर नई किताबें खरीदनी पड़ रही हैं।
विद्यार्थी दुकानों में लंबी कतार लगाने के बजाय ऑनलाइन किताबें खरीदना पसंद कर रहे हैं। ऑनलाइन खरीदारी में किताबों पर 10 से 15 रुपये की छूट भी मिल रही है। विभिन्न वेबसाइट पर किताब के दाम नए और पुराने एमआरपी के बीच में ही हैं।
कक्षा 10वीं की किताबों के दाम
सीबीएसई
किताब का नाम पुराना रेट नया रेट
अंग्रेजी साहित्य 80 90
जीव विज्ञान 370 450
इतिहास 395 495
आईसीएसई
अंग्रेजी व्याकरण 306 365
नोट: किताबों के दाम रुपये में।