पुलिस ने चांद मियां और छोटन के दर्ज किए बयान
नवाबगंज। 22 साल बाद घर लौटे छोटन की पिछली जिंदगी के बारे में जानने के लिए उसका पालन-पोषण करने वाले चांद मियां और उसके परिजनों को बुलाकर पूछताछ की गई। पुलिस ने चांद मियां के बयान दर्ज किए हैं। साथ ही छोटन व उसके परिजनों को जांच में सहयोग करने के निर्देश दिए हैं।
कस्बे के मोहल्ला नई बस्ती पश्चिमी के समीर अहमद ईंट-भट्ठों पर मजदूरी करने 2003 में 26 मई को पत्नी नाजरा, बेटे शब्बू, छोटन, नईम, वसीम व बेटी नेहा के साथ जम्मू-कश्मीर गए थे। जम्मू रेलवे स्टेशन पर उनका दूसरे नंबर का बेटा छोटन नौ वर्ष की उम्र में कहीं खो गया। 22 वर्ष बाद जयपुर में छोटन मिला। छोटन ने परिजनों को बताया कि उनसे बिछड़ने के बाद वह कई दिनों तक इधर-उधर भटकता रहा। 15 वर्ष पूर्व पूरनपुर का राज मिस्त्री चांद मियां उसे खटीमा से अपने साथ ले गया। उसने ही उसे राज मिस्त्री का काम सिखाने के बाद भिखारीपुर गांव की नसीम बेगम से उसकी शादी करा दी, जिससे उसके चार बेटे आयान, अरसलान, अरमान व सुभान हैं।
चांद मियां के पुलिस ने दर्ज किए बयान
पुलिस ने छोटन के बारे में जानकारी लेने के लिए उसका पालन-पोषण करने वाले तहसील पूरनपुर के चांद मिया को कोतवाली बुलाया। शुक्रवार को चांद मियां अपनी पत्नी शबाना और छोटन के परिजनों के साथ कोतवाली पहुंचा। चांद मियां ने बताया कि 11 साल की उम्र में छोटन उत्तराखंड के खटीमा में एक होटल के पास भूख से बिलखता हुआ मिला। वहां से उस गोद लेकर उसका पालन-पोषण किया। छोटन की मंशा है कि वह चांद मियां और उसकी पत्नी से माता-पिता जैसे संबंध रखेगा, लेकिन वह अब अपने परिवार के साथ नवाबगंज में रहना चाहता है। वह स्वतंत्र है, जहां रहना चाहे, वहां रह सकता है।
पुलिस ने चांद मियां और उसकी पत्नी शबाना के बयान दर्ज किए हैं। उन्होंने छोटन के बारे में कुछ अहम जानकारी हासिल की है। पुलिस मामले की गहनता से जांच पड़ताल कर रही है। जांच रिपोर्ट अधिकारियों को सौंप दी जाएगी।
- राहुल सिंह, कोतवाल, नवाबगंज