बरेली। रुविवि के इतिहास एवं संस्कृति विभाग में विभागाध्यक्ष पद को लेकर जारी गतिरोध अब खत्म हो गया है। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने तत्कालीन कुलपति के 24 जनवरी 2026 के आदेश को निरस्त कर दिया है। उन्होंने प्रो. विजय बहादुर सिंह यादव को विभागाध्यक्ष नियुक्त करने का निर्देश दिया है।
राज्यपाल ने 10 सितंबर को अपना फैसला जारी किया। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। इन निर्देशों के तहत छह सप्ताह के भीतर प्रो. विजय बहादुर सिंह यादव को विभागाध्यक्ष पद पर नियुक्त करने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। यह विवाद जनवरी 2026 में तत्कालीन विभागाध्यक्ष प्रो. श्याम बिहारी लाल के निधन के बाद शुरू हुआ था। उनके निधन के बाद वरिष्ठता प्रणाली से चयन होना था, लेकिन कुलपति केपी सिंह ने 24 जनवरी 2026 को सह आचार्य प्रिया सक्सेना को तीन वर्षों के लिए विभागाध्यक्ष नियुक्त कर दिया। इस फैसले को नियमों के खिलाफ बताते हुए विजय बहादुर सिंह यादव ने राजभवन में आपत्ति दर्ज कराई थी। सुनवाई और दस्तावेज की जांच के बाद कुलाधिपति कार्यालय ने पाया कि प्रासंगिक नियमों और वरिष्ठता सूची के अनुसार विजय बहादुर सिंह यादव ही इस पद के हकदार थे। राज्यपाल ने विश्वविद्यालय को नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
राजभवन से पत्र प्राप्त हुआ है। उसको संज्ञान में लेते हुए डेढ़ माह में प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद रजिस्ट्रार स्तर से राजभवन को सूचित कर दिया जाएगा। - प्रो. अनिल कुमार राय, कुलपति