बरेली। आंवला तहसील क्षेत्र के बसंतपुर गांव में 30-40 साल पहले हुए 453 पट्टों के निरस्त होने के मामले को अब पट्टाधारकों ने अपर आयुक्त न्यायालय द्वितीय में चुनौती दी है। पट्टों से जुड़ी जमीन 2600 बीघे से भी अधिक बताई जा रही है। अपर आयुक्त न्यायालय द्वितीय ने अवर न्यायालय से पारित आदेश का अनुपालन और प्रभाव सात अगस्त तक स्थगित रखने के लिए कहा है।
जिला शासकीय अधिवक्ता राजस्व (द्वितीय) की ओर से दो जनवरी 2024 को एडीएम राजस्व एवं वित्त के न्यायालय में सरकार बनाम अहिवरन सिंह आदि के नाम से वाद दायर हुआ था। जिस पर 22 अप्रैल 2025 को पीठासीन अधिकारी संतोष बहादुर सिंह ने पट्टों से संबंधित जमीन की सुरक्षित मानते हुए सभी 453 पट्टों को निरस्त करने का आदेश पारित किया था।
अब ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि अधिकारियों ने जिला शासकीय अधिवक्ता राजस्व (द्वितीय) की ओर से एडीएम राजस्व एवं वित्त न्यायालय में वाद दाखिल कराकर उसमें एकपक्षीय आदेश पारित करा लिया गया। संवाद