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एक्टिव सर्विलांस से खोजी जा रही हजियापुर में संक्रमण की चेन

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पांच दिन गुजरने के बाद भी अफसरों के हाथ खाली, शहर में बढ़ता जा रहा संक्रमण का खौफ

बरेली। हजियापुर के कोरोना संक्रमित युवक की मौत स्वास्थ्य विभाग के लिए बड़ा सिरदर्द बन गई है। पांच दिन लगातार कवायद के बावजूद इस संक्रमण की चेन का पता न लग पाने के बाद आईडीएसपी ने एक्टिव सर्विलांस के तहत छानबीन और तेज करने के लिए टीमों की संख्या बढ़ा दी है। स्वास्थ्य विभाग के अफसर यह दावा तो कर रहे हैं कि संक्रमण की चेन जल्द खोज ली जाएगी, लेकिन उनके चेहरों पर तनाव साफ झलक रहा है।
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हजियापुर के युवक को संक्रमित करने वाले सोर्स का पता न लग पाने की वजह से आशंकाएं बढ़ती जा रही हैं। दो दिन पहले युवक की मौत के बाद यह पता लगाना इसलिए और मुश्किल हो गया है क्योंकि उसके परिवार के लोग भी छानबीन में सहयोग करने के बजाय कोई जानकारी होने से साफ इनकार कर रहे हैं। शुरुआत में स्वास्थ्य विभाग के अफसर इस बात की प्रबल संभावना मानकर चल रहे थे कि युवक अपने पड़ोस में अबुधाबी या रामपुर से आए लोगों की वजह से संक्रमित हुआ होगा लेकिन अबुधाबी से आए लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई और रामपुर से किसी के आने की पुष्टि करने से पुलिस ने इनकार कर दिया। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग का सिरदर्द बढ़ गया। कोरोना संक्रमित की मौत से स्वास्थ्य विभाग की मुश्किलें और बढ़ गईं।

रिसेप्शनिस्ट के साथी स्टाफ और परिवार वालों की रिपोर्ट निगेटिव

हजियापुर के युवक की मौत के बाद उसके साढ़ू की मां और निजी अस्पताल में बतौर रिसेप्शनिस्ट नौकरी करने वाले भाई भी संक्रमित मिले हैं। शुरू में सवाल उठा था कि हजियापुर के युवक का संक्रमण उसके साढ़ू के परिवार में पहुंचा या फिर वहां से उस तक आया। शुक्रवार को अफसरों ने उस अस्पताल के स्टाफ के पूल सैंपल को निगेटिव बताया जहां रिसेप्शनिस्ट नौकरी कर रहा है। ब्रह्मपुरा के उसके और परिवार वालों और रिश्तेदारों की रिपोर्ट भी निगेटिव आई है। ऐसे में गुत्थी फिर उलझती दिख रही है। यह सवाल अफसरों का पसीना छुड़ा रहा है कि कहीं कोई तीसरा या चौथा शख्स तो नहीं है जिसने हजियापुर के युवक और उसके साढ़ू के परिवार दोनों में संक्रमण फैलाया हो। यह भी आशंका पैदा हो रही है कि कहीं से संक्रमण फैलाने वाला यह शख्स शहर में खुला तो नहीं घूम रहा है।

26 पूल समेत 24 संदिग्ध संक्रमितों की रिपोर्ट निगेटिव

बरेली। ब्रह्मपुरा के कोरोना संक्रमित युवक जिस निजी अस्पताल में रिसेप्शनिस्ट था, उसके लिए गए 12 पूल सैंपल्स की रिपोर्ट निगेटिव आई है। रात करीब आठ बजे आईवीआरआई से आई जांच रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग ने सार्वजनिक नहीं की। मेसेज से बताया गया कि रिपोर्ट निगेटिव है। इसके साथ ही, हजियापुर से लिए 12 पूल, तीन सौ बेड के अस्पताल से लिए दो पूल समेत 24 संदिग्ध संक्रमितों की भी रिपोर्ट निगेटिव आने की जानकारी दी गई है।
हजियापुर के कोरोना संक्रमित युवक के ब्रह्मपुरा के रहने वाले साढू के भाई और उसकी मां की रिपोर्ट गुरुवार को पॉजीटिव आई। ऐसे में उनके संपर्क में आने वालों की पूल सैंपलिंग कराई गई। मां गृहणी है ऐसे में उसके संपर्क में महज परिवार और पड़ोस के लोग ही थे। मगर, साढू का भाई एक निजी अस्पताल में रिसेप्शनिस्ट का काम करता था। ऐसे में अस्पताल के सभी स्टाफ का गुरुवार को ही पूल सैंपल लिया था। जिन्हें जांच के लिए आईवीआरआई भेजा था। शुक्रवार की रात करीब आठ बजे जिला सर्विलांस अधिकारी एसीएमओ डॉ. रंजन गौतम ने बताया कि अस्पताल के सभी पूल निगेटिव आए हैं। साथ ही, जानकारी दी कि तीन सौ बेड के अस्पताल के स्टाफ के दो पूल और हजियापुर में चल रही स्क्रीनिंग के दौरान 12 पूल सैंपल लिए गए थे। जिनकी रिपोर्ट भी निगेटिव आई है। वहीं, 24 अन्य संदिग्ध संक्रमितों के सैंपल की भी रिपोर्ट निगेटिव आने की बात कही है। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने राहत की सांस ली है।
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