फरीदपुर। पांच दिन बाद भी किसी नतीजे पर पहुंचने में विफल रही अग्निशमन विभाग की टीम बृहस्पतिवार को फिर बंद कमरे में पांच लोगों की मौत का राज जानने पहुंची। थाना पुलिस की टीम के साथ सीएफओ ने नापजोख कर आग लगने की वजह का पता लगाने की कोशिश की। दो दिन बाद रिपोर्ट देने की बात कही जा रही है।
कस्बे के मोहल्ला फर्रखपुर में 27 जनवरी की रात बंद कमरे में आग से जलकर अजय गुप्ता, उनकी पत्नी अनीता और तीन बच्चों की मौत हो गई थी। अजय के पिता ने जिंदा जलाकर हत्या करने का आरोप लगाते हुए अज्ञात लोगों पर रिपोर्ट कराई है। घटना वाले दिन अग्निशमन विभाग से सीएफओ चंद्रमोहन शर्मा के नेतृत्व में टीम ने आग लगने का कारण जाना।
हालांकि पांच दिन बाद भी जांच-पड़ताल में टीम किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। बृहस्पतिवार को फिर नए सिरे से जांच शुरू की गई। उनके साथ फरीदपुर इंस्पेक्टर रामसेवक ने भी घटनास्थल पर जाकर कई बिंदुओं पर पड़ताल की। सीएफओ ने बताया कि जांच रिपोर्ट लगभग पूरी है। कमरे का मेजरमेंट दोबारा से लिया गया। कुछ तथ्यों को शामिल कर जल्द ही रिपोर्ट उच्चाधिकारियों सौंप दी जाएगी।
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20 लोगों के मोबाइल नंबर की डिटेल निकलवाई
बंद कमरे का राज सुलझाने के लिए पुलिस ने करीब 20 लोगों के मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल निकलवाई है। पुलिस ने अजय के परिजनों सहित उनके ससुरालवालों और पड़ोसियों के नंबर भी खंगाले हैं। पुलिस ने बताया कि अजय के सगे साढ़ू व दीपा गुप्ता के पति सोनू से भी पूछताछ की जानी है। सोनू को बुलाया, लेकिन वह घर पर नहीं थे। परिजनों ने अनीता का वही नंबर होने का दावा किया जो अजय का दूसरा नंबर बताया जा रहा है। कोई दूसरा नंबर पुलिस को नहीं दिया गया है।