पशु पोषण विभाग की संगोष्ठी में देश-विदेश के वैज्ञानिकों ने दिए सुझाव
बरेली। भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) के पशु पोषण विभाग के सौ साल पूरे होने पर आयोजित शताब्दी संगोष्ठी के दूसरे दिन पशु स्वास्थ्य, उत्पादन और पोषण के संबंध में चर्चा की गई। वैज्ञानिकों ने पशुओं का उत्पादन बढ़ाने के लिए उनके पोषण पर जोर दिया। आयोजित क्विज कॉम्पटीशन में करनाल का एनडीआई प्रथम और आईवीआरआई दूसरे स्थान पर रहा।
शुक्रवार को सिंगापुर के वैज्ञानिक पेट्रो सिली ने पशुओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने की बात वैज्ञानिकों के समक्ष रखी। इस पर कोलंबिया के वैज्ञानिक ने भी सहमति जताते हुए नए शोध में प्रतिरोधक क्षमता बढाने के प्रयास पर जोर दिया। डॉ. दिनेश ने पशु आहार बनाने वाली कंपनियों से गुणवत्ता को बरकरार रखते हुए उसे सस्ती दर पर पशुपालकों को मुहैया कराए जाने के प्रयास पर बात कही। डॉ. अनूप ने भी पशु पोषण के संबंध में जानकारी दी और उत्पादन उत्पादन का सुझाव दिया। कहा, पशु पोषण के लिए वैज्ञानिकों ने नई तकनीक दी। इससे उत्पादन बढ़ा और देश की अर्थव्यवस्था सुधरी। कार्यक्रम में परिषद के उप महानिदेशक (पशु विज्ञान) डॉ. बीएन त्रिपाठी, संस्थान निदेशक डॉ. बीपी मिश्र आदि ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने पशु आहार से प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया।