बरेली। सीबीएसई परीक्षा परिणाम घोषित होते ही शहर के निजी स्कूलों में उत्सव जैसा माहौल दिखा। कहीं मेधावियों को मिठाई खिलाई गई तो कहीं स्कूल प्रबंधन ने छात्र-छात्राओं के साथ खुशी के पल कैमरे में कैद किए। इसके उलट कई केंद्रीय विद्यालयों में सन्नाटा पसरा रहा।
सैन्य क्षेत्र स्थित केंद्रीय विद्यालय एक और दो का गेट बंद रहा। प्रधानाचार्य शिव शंकर सिंह उत्तीर्ण विद्यार्थियों की कोई जानकारी नहीं दे सके। केवी एनईआर और इफको में मेधावियों को मिठाई खिलाई गई। केवी आईवीआरआई और एयरफोर्स में कोई हलचल नहीं रही। फतेहगंज पश्चिमी स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय ने आंधी-बारिश के चलते बिजली आपूर्ति और इंटरनेट सेवा बाधित होने से परिणाम नहीं देख पाने की बात कही। विद्यार्थियों की उपलब्धि पर न कोई कार्यक्रम हुआ, न ही जश्न। केंद्रीय विद्यालयों के विद्यार्थी हर वर्ष बेहतर प्रदर्शन करते हैं, लेकिन उनकी सफलता को सराहना नहीं मिलती। विद्यार्थी भी स्कूल प्रशासन के शांत रुख से खुलकर खुशी जाहिर नहीं कर सके।
उपलब्धि का सम्मान होने से बढ़ता है मनोबल
बरेली कॉलेज के मनोविज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. हेमा खन्ना के मुताबिक, परीक्षा परिणाम केवल अंक नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की मेहनत, अनुशासन और संघर्ष का प्रतीक होते हैं। ऐसे में उनकी उपलब्धियों को सम्मान और उत्साह के साथ साझा किया जाना चाहिए, ताकि अन्य विद्यार्थियों को भी प्रेरणा मिल सके। जिन स्कूलाें में खुशी का माहौल नहीं होगा, वहां के विद्यार्थियों में एकाकीपन की आशंका रहती है।