बरेली। सीबीएसई 12वीं के परीक्षा परिणाम ने इस वर्ष पुरानी धारणाओं को पूरी तरह बदल कर रख दिया है। अमूमन यह माना जाता रहा है कि पीसीएम (भौतिकी, रसायन, गणित) और पीसीबी (भौतिकी, रसायन, जीव विज्ञान) में ही छात्र शत-प्रतिशत अंक प्राप्त कर सकते हैं, लेकिन इस बार कला वर्ग के विद्यार्थियों ने इनको पीछे छोड़ते हुए अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की है। जिले की मानविकी वर्ग की छात्रा मानवी पटेल ने 500 में से 498 अंक प्राप्त कर देश में दूसरा और उत्तर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है।
इस बार के परीक्षा परिणाम में यह उलटफेर केवल संयोग नहीं, बल्कि इसके पीछे प्रश्नपत्रों की प्रकृति का बड़ा हाथ माना जा रहा है। परीक्षा विशेषज्ञों और शिक्षकों का कहना है कि इस वर्ष विज्ञान वर्ग, विशेषकर भौतिक विज्ञान के प्रश्नपत्र में आए घुमावदार आंकिक सवालों ने विद्यार्थियों को काफी परेशान किया। इससे उनके औसत अंकों में गिरावट आई। इसी प्रकार वाणिज्य वर्ग के छात्रों को भी जटिल गणनाओं और अकाउंटेंसी जैसे विषयों में खासी मशक्कत करनी पड़ी।
दूसरी ओर, कला वर्ग के छात्रों ने अपनी उत्कृष्ट लेखन शैली और विषयों पर मजबूत पकड़ के दम पर न केवल शानदार अंक बटोरे, बल्कि जिले के कई स्कूलों में इस वर्ग का परिणाम शत-प्रतिशत रहा। पूर्व के वर्षों में थ्योरी प्रधान विषयों में पूरे अंक मिलना असंभव सा माना जाता था, लेकिन बदलते पैटर्न और विद्यार्थियों की मेहनत ने इस मिथक को तोड़ दिया है। अब कला वर्ग केवल विकल्प नहीं, बल्कि टॉपर्स की पहली पसंद बनकर उभरा है। इससे परीक्षा के पारंपरिक समीकरण बदल गए हैं।