बरेली। मकर संक्रांति के महापर्व को लोगों ने श्रद्धा, उत्साह और उमंग के साथ मनाया। लोगों ने स्नान करने के बाद मंदिरों में चावल, उड़द, घी, गजक, रेवड़ी, मूंगफली, इत्यादिक खाद्य वस्तुओं का दान किया। तो कई लोगों ने ब्राह्मणों को पंचांग और धार्मिक पुस्तकों का भी दान किया, गरीबों को कंबल भी बांटे। इसके अलावा पंतगें भी उड़ाई गई। इस दिन स्नान दान का विशेष महत्व माना जाता है। इसलिए कई लोगों ने प्रयागराज जाकर कुंभ में डुबकी लगाई और जो नहीं जा पाए तो रामगंगा में पूर्ण आस्था के साथ स्नान किया।
मंदिरों में भी भक्तों का तांता लगा रहा। भारी संख्या में लोग मंदिरों में भगवान के दर्शन कर धार्मिक अनुष्ठान किया। जगह-जगह सत्यनारायण भगवान की कथा, सुंदरकांड रामचरितमानस के पाठ हुए। लोगों ने अपने इष्ट भगवान के मंत्रों का जप भी किया। वर्ष भर सुख समृद्धि के लिए प्रार्थनाएं भी की। मकर संक्रांति के दिन पतंग उड़ाने की भी परंपरा बहुत ही पुरानी है। जिस कारण शहर में जगह-जगह लोगों ने पतंग भी उड़ाई। संवाद