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सीसीएम ने जंक्शन पर पकड़ा खाने का अवैध धंधा

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जंक्शन पर अवैध वेंडरिंग और घटिया खानपान का खेल यूं तो रोज ही चलता है लेकिन कोई  कुछ नहीं बोलता। बृहस्पतिवार को चीफ कामर्शियल मैनेजर ओमप्रकाश जब जंक्शन का निरीक्षण कर रहे थे उसी दौरान 
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सुभाषनगर की तरफ से अवैध भोजनालय से जंक्शन पर सप्लाई करने के लिए लाया जा रहा खाना पकड़ लिया। साथ ही एक वेंडर को भी गिरफ्तार कर लिया गया। इसके अलावा सीसीएम ने रेलवे पर स्थित खान पान के स्टॉल, साफ सफाई आदि का निरीक्षण किया। 
सीसीएम बृहस्पतिवार दोपहर पौने दो बजे राजधानी एक्सप्रेस से बरेली जंक्शन पर पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले यहां प्लेटफार्म नंबर एक का निरीक्षण किया। पूछताछ केंद्र, प्लेटफार्म पर साफ सफाई देखी। फिर फुट ओवरब्रिज से होते हुए प्लेटफार्म नंबर तीन और चार पर पहुंचे। एनईआर के निर्माणाधीन ट्रैक को भी देखा। इसके बाद सीसीएम एनईआर की टिकट विंडो के तरफ जा ही रहे थे कि इसी दौरान सुभाषनगर की तरफ से अवैध भोजनालय से जंक्शन पर खाना बेचने के लिए लाया जा रहा था। सीसीएम की टीम ने अवैध वेंडर को पकड़ लिया और उसके पास से खाना बरामद कर उसे आरपीएफ के हवाले कर दिया। अवैध वेंडर ने अपना नाम संतोष बताया। यहां बता दें कि जंक्शन पर सुभाषनगर की तरफ स्थित अवैध भोजनालय से खाने की सप्लाई होती है, जिसमें टीटीई और आरपीएफ के लोगों की साठगांठ है, ऐसा संज्ञान में आने पर सीसीएम ने जांच कराकर कार्रवाई की बात कही। इसके बाद सीसीएम ने टिकट विंडो, पार्सल हाउस का भी निरीक्षण किया। कमियां मिलने पर सुधार करने के निर्देश दिए। साथ ही सीसीएम ने बेहतर कार्य करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित भी किया। 
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वेंडर से टीटीई बोले एक दिन का सब्र नहीं तुझे
सीसीएम की टीम ने जब अवैध वेंडर संतोष को अवैध भोजनालय का खाना जंक्शन पर सप्लाई करते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया, तब स्थानीय टीटीई भी उसे पकड़कर आरपीएफ को देने जाने लगे तो कहा कि तुझे एक दिन का भी सब्र नहीं। यह धंधा सब जानते हैं लेकिन जानबूझकर पकड़ा नहीं जाता।

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पार्सल घर से गायब कर दिए बाइक के कागजात
पार्सल घर में खड़ी की गई बाइक की डिग्गी से कागजात गायब होने का मामला भी सीसीएम के समक्ष आया। जम्मूतवी एक्सप्रेस से बंगाल जा रहे डॉ.रमन विश्वास ने बताया कि वह बदायूं में क्लीनिक चलाते हैं और बंगाल ले जाने के लिए अपनी बाइक साथ लाए थे। जिसकी डिग्गी में कागजात रखे थे। बाइक पार्सल कराने के बाद उन्हें रसीद भी दे दी गई। वह टिकट लेने चले गए। वापस आने पर देखा तो उसकी डिग्गी से गाड़ी के कागजात गायब थे। डॉ.रमन ने आरोप लगाया कि पार्सल वालों ने कागजात वापस देने के दो हजार रुपये मांगे। 
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