शासन के आदेश पर जांच में आय से अधिक संपत्ति होने के आरोप में बेसिक शिक्षा अधिकारी आफिस के वरिष्ठ लिपिक भूपेंद्र पाल सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संगठन के निरीक्षक सुरेंद्र सिंह ने बारादरी थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
अखिल भारतीय भ्रष्टाचार एंव शोषण निवारण समिति, राजेंद्र नगर के वीके गुप्ता ने 22 अप्रैल 2012 को मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश शासन, लखनऊ से बीएसए के वरिष्ठ लिपिक भूपेंद्र पाल सिंह की शिकायत की थी। शिकायत में भूपेंद्र पाल सिंह को बाममसेफ का मंडलीय उपाध्यक्ष बताते हुए आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप थे। अनु सचिव, गृह (गोपन) शशिकांत कनौजिया अनुभाग-3 ने जांच भ्रष्टाचार निवारण संगठन की बरेली इकाई को सौंपी थी। निरीक्षक सुरेंद्र सिंह ने भूपेंद्र सिंह पर लगे आरोपों की जांच की। आरोपी का बामसेफ का मंडलीय उपाध्यक्ष होना, बसपा शासन काल में जाति और बामसेफ का रुतबा दिखाकर सहकर्मियों को परेशान क रना और दुर्व्यवहार करना। पत्नी को जिला पंचायत सदस्य बनवाने जैसे आरोप प्रमाणित नहीं हो पाए। भूपेंद्र सिंह ने आय से अधिक संपत्ति के आरोप में मौखिक और लिखित साक्ष्य प्रस्तुत किए। एक नवंबर 2006 से 31 मार्च 2012 तक समस्त आय के वैध स्रोतों से भूपेंद्र सिंह को कुल 23 लाख 74 हजार 528 की आय हुई। जबकि इस अवधि में उनके द्वारा चल-अचल संपत्ति से अर्जन एंव परिवार के भरण पोषण आदि मदों पर 28 लाख 99 हजार 205 खर्च हुआ है। आय के सापेक्ष में खर्च 5 लाख 24 हजार 677 रुपये अधिक हैं। भूपेंद्र सिंह अधिक खर्च की गई राशि का ब्योरा नहीं दे पाए हैं। कोई अभिलेख भी उन्होंने मुहैया नहीं कराया। प्रभारी निरीक्षक बारादरी राजेश सिंह ने बताया कि जांच करने वाले निरीक्षक की तहरीर पर वरिष्ठ लिपिक के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इस मामले की विवेचना भ्रष्टाचार निवारण संगठन के निरीक्षक ही करेंगे।
राजेंद्र नगर में रहते हैं भूपेंद्र
-भ्रष्टाचार के आरोप में फंसे बीएसए के वरिष्ठ लिपिक भूपेंद्र पाल सिंह मकान नंबर-17/1 पीडब्ल्यूडी कॉलोनी, राजेंद्र नगर में रहते हैं। वह मूल रूप से ग्राम फुलासी तहसील और थाना आंवला के रहने वाले हैं। विवेचना में और भी बातें सामने आने की उम्मीद है।