833.76 करोड़ के मूल बजट में 144.60 करोड़ की वृद्धि, लंबित परियोजनाओं को गति देने के लिए अतिरिक्त राशि का प्रावधान
बरेली। नगर निगम एक लाख रुपये से ज्यादा कर बकाया के मामलों की जांच कराएगा। सोमवार को निगम सभागार में आयोजित बोर्ड बैठक में कर विसंगतियों को लेकर पार्षदों के हंगामे के बाद महापौर उमेश गौतम ने यह जानकारी दी। पार्षदों ने आरोप लगाया कि लाखों रुपये के बकाया बिलों पर विभाग खेल कर रहा है। एक मामले का उदाहरण देते हुए कहा कि नौ लाख रुपये के टैक्स को 1.5 से 2 लाख रुपये कर दिया जाता है। बैठक में शहर को जगमग करने के लिए सात हजार लाइटों की खरीद को भी मंजूरी दी गई। यह प्रक्रिया अगले माह से शुरू की जाएगी।
बैठक में वर्ष 2025-26 के मूल बजट को पुनरीक्षित किया। करीब 833.76 करोड़ रुपये के मूल बजट को बढ़कर 978.36 करोड़ रुपये कर दिया गया। इस तरह बजट में 144.60 करोड़ की बढ़ोतरी की गई है। अधिकारियों का कहना है कि बढ़े हुए बजट का मुख्य फोकस इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, सफाई व्यवस्था, सड़कों के निर्माण व मरम्मत, जल निकासी और अन्य नागरिक सुविधाओं पर रहेगा। लंबित परियोजनाओं को गति देने और शहर की बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए अतिरिक्त राशि का प्रावधान किया गया है।
कूड़ा कलेक्शन पर खर्च होंगे पांच करोड़
डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन पर पांच करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। मूल बजट में भी इतनी ही रकम निर्धारित की गई थी। इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम में 52 करोड़, छुट्टा पशुओं और कुत्तों को पकड़ने में एक करोड़, कान्हा उपवन पर 3.50 करोड़ से पांच करोड़ व पार्कों के सौन्दर्यीकरण के लिए 10 करोड़ के बजट को मंजूरी दी गई है। संवाद