दिल्ली की निजामुद्दीन दरगाह में इकट्ठे जमातियों पर कोरोना संक्रमण फैलाने का है आरोप
आरोपी जमातियों में 23 इंडोनेशिया और नौ थाईलैंड के
बरेली। दिल्ली की निजामुद्दीन दरगाह में आयोजित जलसे में शिरकत करने के बाद देश के अलग-अलग इलाकों में पहुंचकर कोरोना संक्रमण फैलाने के आरोपी तबलीगी जमात के 52 लोगों के खिलाफ दर्ज मुकदमों की मंगलवार को यहां सीजेएम कोर्ट में सुनवाई शुरू हो गई। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कुछ दिन पहले इन मुकदमों की सुनवाई के लिए बरेली समेत आठ जोन की स्थापना की थी। यहां सीजेएम कोर्ट में बरेली के अलावा पीलीभीत, बदायूं, शाहजहांपुर, मुरादाबाद, अमरोहा, बिजनौर, रामपुर और संभल के मुकदमों की सुनवाई होगी।
बरेली में जिन 52 जमातियों के खिलाफ मुकदमों की सुनवाई शुरू हुई है, उनमें 23 इंडोनेशिया और नौ थाईलैड के भी हैं। बाकी सभी भारतीय हैं । थाईलैंड के जमाती अब तक जेल में हैं। इन सभी को अलग-अलग जिलाें की मस्जिदों से गिरफ्तार कर पुलिस ने उनके खिलाफ आईपीसी के विभिन्न धाराओं के साथ महामारी अधिनियम, आपदा प्रबंधन अधिनियम, विदेशी अधिनियम और पासपोर्ट एक्ट की धाराओं में केस दर्ज किए थे। सुप्रीम कोर्ट ने इन सभी जमातियों के खिलाफ आठ हफ्तों के अंदर सुनवाई पूरी करने का आदेश दिया है।
मंगलवार को सुनवाई शुरू होने के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये अभियुक्तों की सीजेएम के सामने पेशी हुई। इस दौरान सर्वर रूम में सीजेएम के अलावा अभियुक्तों के वकील मिलन गुप्ता मौजूद रहे। अदालत ने सुनवाई की अगली तारीख दो नवंबर मुकर्रर की है। मंगलवार को जिन शहरों के मुकदमों की सुनवाई हुई, उसमें नगीना (बिजनौर), शाहजहांपुर के सदर बाजार और मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा के मुकदमे शामिल थे। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बरेली के अलावा आगरा, गोरखपुर, कानपुर, लखनऊ, मेरठ, प्रयागराज और वाराणसी में जोन स्थापित किए हैं।