बरेली में नैनीताल हाईवे पर मंगलवार रात निजी बस पर फायरिंग के मामले में भोजीपुरा थाना पुलिस ने दोनों ओर से 15 नामजद और 18 अज्ञात हमलावरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। एक पक्ष के तीन आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए उनके कब्जे से मिली थार गाड़ी को भी सीज कर दिया गया है।
शाहजहांपुर के थाना सदर बाजार की रामनगर कॉलोनी निवासी वीरेंद्र सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि वह ट्रांसपोर्ट कंपनी चलाते हैं। मंगलवार रात उनकी निजी बस शाहजहांपुर से मेरठ जा रही थी। बस पर चालक आलिम और हेल्पर आकाश थे। मिलक में उनकी बस को पीछे से दूसरी बस ने टक्कर मार दी। इसके बाद फतेहगंज पश्चिमी टोल पार करने के बाद कार सवारों ने बस रोक ली और फायरिंग कर दी। वीरेंद्र की तहरीर पर भोजीपुरा पुलिस ने शाहजहांपुर के निगोही निवासी मोनू सिंह, अम्बरीश, मनोज यादव, सूरज, महेश, तौफीक, मुजीब और आठ अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
दूसरे पक्ष ने लगाया ये आरोप
दूसरी रिपोर्ट शाहजहांपुर के थाना निगोही के गांव राघवपुर निवासी राघवेंद्र सिंह ने दर्ज कराई है। उसके भाई मोनू ने निगोही से दिल्ली के लिए निजी बस सेवा शुरू की है। दो जून को बस का पहला चक्कर था। वीरेंद्र सिंह ने उसके भाई को कॉल करके धमकी दी कि दिल्ली रोड पर बस न चलाए। अगर बस चलवाई तो दो लाख की रंगदारी देनी होगी। भोजीपुरा ओवरब्रिज के पास उनकी बस पर वीरेंद्र समेत अन्य ने फायरिंग कर दी। इंस्पेक्टर कुंवर बहादुर ने बताया कि वीरेंद्र सिंह, पिंटू तिवारी, विशाल यादव, पिंटू यादव, पंकज, बॉबी, कामरान, बाबर चौधरी और 10 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।