मालिक और सरकारी वकील ने की मदद
मेडिकल स्टोर संचालक दुर्गेश खटवानी अपने कर्मचारी की इस तरह गिरफ्तारी से अचरज में थे। उन्होंने मुरादाबाद में रेलवे के मुकदमों की पैरवी करने वाले सरकारी वकील राजेंद्र टंडन से संपर्क साधा और विपिन की गरीबी व ईमानदारी का हवाला दिया। राजेंद्र टंडन ने अगले दिन रेलवे कोर्ट को हकीकत बताई।
विपिन से जेल में ही माफीनामा लिखवाया गया। कोर्ट ने सभी पहलुओं पर गौर करके विपिन का जुर्माना माफ कर दिया। एक दिन जेल में रहने को ही सजा मानकर रिहाई दे दी गई। विपिन का कहना है कि उन्हें 30 मार्च तक जेल में रखने का आदेश था, वकील सही पैरवी न करते तो वह अभी जेल में होते।