बरेली के किला थाना क्षेत्र में स्थित चावल मंडी में मंगलवार को फिर चार बंदरों के शव मिले। सोमवार को यहां पांच बंदरों के शव मिले थे। पीपल फॉर एनिमल (पीएफए) के कार्यकर्ता धीरज पाठक की ओर से किला थाने में अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। चारों बंदरों के शव पोस्टमॉर्टम के बाद रामगंगा नदी के किनारे दफन कर दिए गए। दूसरे दिन भी बंदरों के शव मिलने से लोगों में रोष है।
पीएफए के कार्यकर्ता धीरज पाठक ने बताया कि मंगलवार दोपहर उनको फिर से सूचना मिली कि चावल मंडी में चार और बंदरों के शव पड़े हैं। वह अन्य कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचे। किला पुलिस को भी बुला लिया गया। इन बंदरों के शरीर पर भी चोटों के निशान हैं। ऐसे में इनकी भी पीटकर हत्या किए जाने की आशंका है।
इंस्पेक्टर किला राजेश कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम में बंदरों को जहर देने की पुष्टि नहीं हुई है। उनकी मौत का कारण गर्मी भी हो सकता है। कुछ बंदरों के शरीर पर चोटों के निशान मिले हैं। मामले में जांच की जा रही है। मंगलवार को जिन बंदरों का पोस्टमॉर्टम कराया गया। उनकी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट अभी नहीं मिल सकी है।