बरेली। कैंट बोर्ड के अफसरों और सभासदों में खींचतान के बीच सभासद वेदप्रकाश तनेजा के अचानक सीईओ के खेमे में जाकर खड़े हो जाने से बाकी सभासद भड़क गए हैं। सभासदों का आरोप है कि कुछ दिन पहले ही रक्षामंत्री के सामने सीईओ पर भ्रष्टाचार के खुलकर आरोप लगाने वाले वेद प्रकाश तनेजा ने अब न सिर्फ कैंट निदेशक को दिए एक पत्र में सीईओ को ईमानदार अधिकारी बताते हुए उनकी तारीफ में कसीदे काढ़े हैं बल्कि अपना यह पत्र सोशल मीडिया पर भी वायरल कर दिया है। सभासदों का आरोप है कि तनेजा ने यह सब सीईओ की सांठगांठ से अपने निजी स्वार्थ पूरे करने के लिए किया है।
करीब साल भर से कैंट बोर्ड में सभासद और अफसरों में टकराव चल रहा है। दरअसल पिछले साल ही नई सीईओ ने कार्यभार ग्रहण किया था। कुछ ही समय बाद म्युटेशन, नक्शा पास कराने, निर्माण कार्य, अवैध कब्जों पर कार्रवाई समेत कई मुद्दों पर उनकी सभासदों से ठन गई। सभासदों की ओर से रक्षा मंत्रालय और कैंट निदेशक तक शिकायतें की गईं। पिछले दिनों केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार के साथ सभासदों ने रक्षामंत्री राजनाथ से मुलाकात कर सीईओ समेत कैंट बोर्ड के अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद रक्षामंत्री के ‘दूत’ के तौर पर गुुरुवार को कैंट बोर्ड कैंट के निदेशक ने समझौता कराने की कोशिश की लेकिन इसका भी कोई नतीजा नहीं निकला। सभासदों का कहना है कि वेदप्रकाश तनेजा ने इसी बीच कैंट निदेशक को एक पत्र देकर सीईओ समेत कैंट बोर्ड के सभी अफसरों को ईमानदार और भ्रष्टाचार मुक्त बता दिया। इसके बाद अपने इस पत्र को व्हाट्सएप पर वायरल भी कर दिया। सभासदों का जानकारी में यह मामला आया तो उनके तेवर तल्ख हो गए।
घरवालों के नाम की फर्म से कैंट बोर्ड को करते हैं सप्लाई.. इसीलिए पलटी खाई
सभासद अब्दुल हमीद का आरोप है कि कैंट निदेशक को वेद प्रकाश तनेजा ने व्यक्तिगत हित साधने के लिए सीईओ को ईमानदार और भ्रष्टाचार मुक्त बताया है। उन्होंने कहा कि तनेजा के एक रिश्तेदार की बेकरी है जिसने अवैध कब्जा किया है। इसके अलावा तनेजा खुद भी दुकानदार हैं और कैंट बोर्ड को अपने परिजनों के नाम की फर्म के जरिये माल सप्लाई करते हैं। बोर्ड उपाध्यक्ष शिखा नायर का आरोप है कि रक्षामंत्री के सामने तनेजा ने बढ़चढ़कर सीईओ समेत सभी अधिकारियों की खिलाफत की, लेकिन अब जब निर्णय की बारी आई तो उन्होंने सभासदों के साल भर के प्रयास को धता बता दिया। अन्य सभासदों ने भी तनेजा की इस हरकत की निंदा करते हुए उनपर अधिकारियों से अनुचित लाभ लेने की मंशा जताई है।
सभासदों के आरोप निराधार हैं। हमने किसी की नाजायज तरफदारी नहीं की। सीईओ ईमानदार हैं और उन पर भ्रष्टाचार का कोई आरोप नहीं है। जो सही बात है वही लिखकर निदेशक को दी है। जो काम नहीं किए गए हैं, उनकी सूची भी संलग्न की है। - वेद प्रकाश तनेजा, सभासद कैंट बोर्ड