प्राचार्य के नुक्ती बंटवाने के बाद ही माने छात्र
बरेली। गणतंत्र दिवस समारोह में ध्वजारोहण के बाद इस बार मिठाई वितरण न कराने पर बरेली कॉलेज प्रशासन की किरकिरी हो गई। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्र नेताओं ने मिठाई न बांटने की वजह पूछी तो कोविड प्रोटोकॉल को इसका कारण बताया गया। इस पर भड़के विद्यार्थी परिषद ने हंगामा शुरू कर दिया। घंटे भर बाद हंगामा तब शांत हुआ जब प्राचार्य नुक्ती मंगवाकर विद्यार्थियों को बंटवाई।
गणतंत्र दिवस पर लगभग सभी स्कूल-कॉलेज और विश्वविद्यालय तक में समारोह के बाद मिष्ठान वितरण हुआ लेकिन बरेली कॉलेज में ध्वजारोहण के बाद बगैर मिठाई बांटे ही छात्रों को लौटा दिया गया। इस बारे में जानकारी मिलने पर विद्यार्थी परिषद के कई कार्यकर्ताओं के साथ प्राचार्य के पास पहुंचे प्रदेश सहमंत्री गौरव यादव ने हंगामा शुरू कर दिया। विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि कॉलेज प्रशासन कोरोना का बहाना बनाकर मिठाई नहीं बांट रहा है। अगर कोरोना संक्रमण की आशंका थी तो सामूहिक कार्यक्रम का भी आयोजन नहीं किया जाना चाहिए था।
मिठाई वितरण के मुद्दे पर करीब घंटे भर तक नोकझोंक और हंगामा चलता रहा। आखिर में प्राचार्य डॉ. अनुराग मोहन ने नुक्ती मंगवाकर छात्रों को बंटवाई तब कहीं मामला शांत हुई। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नेता भी वापस लौट गए। प्राचार्य का कहना था कि गणतंत्र दिवस समारोह का आयोजन कोविड प्रोटोकॉल के तहत किया गया था। छात्रों को समझाने का प्रयास किया मगर वे नहीं माने।
समाजवादी छात्रसभा ने प्राचार्य को खिलाया लड्डू
मिठाई न बांटने पर एक तरफ हंगामा चल रहा था तो दूसरी तरफ समाजवादी छात्र सभा के पदाधिकारियों ने लड्डू मंगाकर छात्रों को बांटने शुरू कर दिए। उन्होंने सबसे पहले बरेली कॉलेज के प्राचार्य को ही मिठाई खिलाई और उसके बाद छात्रों को मिठाई बांटी। सछास के महानगर अध्यक्ष फैज मोहम्मद का कहना है कि उन्होंने विवाद के बजाय सालों पुरानी की परंपरा को सहेजने का काम किया। यहां छात्रनेता करन सिंह, शैलेश भास्कर, इमरान खान, यूनुस, विक्रांत कुमार आदि मौजूद रहे।