बरेली। घर में घुसकर किशोरी से छेड़खानी करने के आरोप में भाजपा के आंवला जिलाध्यक्ष वीर सिंह समेत पांच आरोपियों को छह जनवरी को अदालत में तलब किया गया है। पुलिस ने इस मामले में फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी जिसे अदालत ने निरस्त कर दिया और पांचों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने का आदेश दिया।
आंवला में रहने वाली पीड़ित किशोरी की मां की अर्जी पर जून 2019 में अदालत के आदेश पर आंवला के भाजपा जिलाध्यक्ष वीर सिंह समेत पांच आरोपियों पर रिपोर्ट दर्ज की गई थी। महिला का आरोप था कि चार मई 2019 को सुबह साढ़े छह बजे उसके घर में घुसकर पप्पी, गुडडू, राजू, दर्पण और वीर सिंह ने उसके बेटे को बेरहमी से पीटा था और धमकी दी थी कि आंवला में दिखा तो उसे और उसके पिता को जान से मार दिया जाएगा। इस धमकी के बाद उसका बेटा और पति कहीं चले गए।
महिला का आरोप था कि इस घटना की शिकायत उसने थाना आंवला में की तो आरोपी रंजिश मानने लगे। दो जून 2019 को वे फिर गालीगलौज करते हुए उसके घर में घुस आए। वीर सिंह और पप्पी उसकी 16 साल की बेटी को पकड़कर उसके साथ अश्लील हरकतें करने लगे। उसने उनकी हरकत का विरोध किया तो उसके साथ भी मारपीट की। उसे धमकी दी कि जैसे उसके पति को भगाया है वैसे ही उसे भी भगाकर मकान पर भी कब्जा कर लिया जाएगा। उसकी बेटी को भी उठा ले जाने की धमकी भी दी।
अदालत के आदेश पर पुलिस ने इस मामले में रिपोर्ट तो लिखी लेकिन 15 सितंबर 2019 को अभियुक्तों को क्लीन चिट देकर फाइनल रिपोर्ट लगा दी। महिला ने फाइनल रिपोर्ट के खिलाफ ने छह दिसंबर 2021 को पाक्सो कोर्ट में आपत्ति करते हुए अर्जी दाखिल की। इसमें उसने कहा कि अभियुक्तों ने पुलिस से साठगांठ कर फाइनल रिपोर्ट लगवाई है। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट रामदयाल ने उसकी अर्जी स्वीकार कर अभियुक्त वीर सिंह और पप्पी को मारपीट, गालियां देने और घर में घुसकर छेड़खानी और राजू, गुडडू और दर्पण को घर में घुसकर मारपीट करने और गंदी गालियां देेने के आरोप में छह जनवरी को अदालत में पेश होने का आदेश दिया। सभी अभियुक्तों पर इसी दौरान आरोप तय होंगे।
महिला ने कहा- मेरी बेटी पर
बुरी नजर रखते हैं आरोपी
महिला ने अदालत में दी गई अर्जी में कहा कि उसकी बेटी ने मजिस्ट्रेट के सामने दिए बयान मे भी घटना का समर्थन किया था। इसके बावजूद विवेचनाधिकारी ने उसके बयान को नजरअंदाज कर फाइनल रिपोर्ट लगा दी। महिला ने अर्जी में अभियुक्तों पर आरोप लगाया कि वह उसकी बेटी पर बुरी नजर रखते हैं और आते-जाते उस पर फब्तियां भी कसते हैं। कोर्ट से प्रोटेस्ट अर्जी को स्वीकार कर सभी अभियुक्तों को तलब करने की फरियाद की गई थी।