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Bareilly News: झांसा देकर बुलाया म्यांमार, कराई साइबर ठगी

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सुभाष नगर और किला थाना क्षेत्र के रहने वाले तीन युवकों व एक युवती से साइबर क्राइम थाना पुलिस कर रही पूछताछ
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बरेली। शहर के तीन युवक और एक युवती का दक्षिणी देशों के स्कैम कंपाउंड से जुड़ाव मिला है। चारों लोगों को म्यांमार बुलाकर साइबर ठगी करवाई गई। अब बरेली साइबर क्राइम थाना पुलिस ने चारों की कुंडली खंगालनी शुरू कर दी है। चारों को बरेली लाने के बाद इनसे पूछताछ की जा रही है।
सुभाषनगर थाना क्षेत्र के नेकपुर निवासी रवि राजपूत राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) की तैयारी कर रहा था। उसने इंस्टाग्राम पर विदेश में डाटा इंट्री और गेमिंग में नौकरी का विज्ञापन देखा। संपर्क करने पर नील नाम के व्यक्ति ने टेलीग्राम के जरिये बातचीत की। उसने कहा कि वह थाइलैंड में अच्छे पैकेज पर नौकरी लगवा देगा।
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रवि ने पहले ही अपना पासपोर्ट बनवा लिया था। बात आगे बढ़ने पर नील ने व्हाट्सएप पर बैंकाॅक की फ्लाइट का टिकट भेजा दिया। जब रवि बैंकाॅक पहुंचा तो उसे वहां से म्यांमार ले जाया गया। वहां साइबर स्कैम सेंटर में रवि से जबरन साइबर अपराध कराए गए।
इसी तरह सुभाषनगर तिवारी मंदिर के पास रहने वाले विनीत ने एक बेवसाइट पर विदेश में नौकरी का विज्ञापन देखा था। सितंबर 2025 में विनीत को थाईलैंड ले जाकर होटल में ठहरा दिया गया। अगले दिन मैसोट होते हुए बाॅर्डर पार करवाकर म्यांमार पहुंचा दिया गया। वहां विनीत को भी स्कैम सेंटर में रखकर उससे साइबर ठगी कराई गई।



किला के बड़ा बाजार कूंचा रतन निवासी शुभांशु गुप्ता इंटरमीडिएट तक पढ़ा हुआ है। उसके पास भी इंस्टाग्राम पर विदेश में नौकरी देने का ऑफर आया था। इसके बाद शुभांशु का बैंकाॅक का टिकट करा दिया गया। उसे टैक्सी से थाइलैंड ले जाया गया। इसके बाद ट्रक से म्यांमार ले जाया गया। वहां मिले चेतन, बास इलेवन और ट्रांसलेटर ऐलन ने सात दिन तक साइबर ठगी का प्रशिक्षण दिया।
किला के रफियाबाद निवासी जेरहा को भी इंस्टाग्राम पर नौकरी का विज्ञापन भेजा। अन्य युवकों की तरह उसे भी म्यांमार ले जाया गया। सभी से वहां साइबर ठगी कराई गई।
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साइबर थाना पुलिस ने बरेली निवासी ऐसे चार लोगों को उनके परिवार को सौंपा है जो रोजगार की तलाश में विदेश गए थे। इन्हें म्यांमार में बंधक बनाकर साइबर अपराध कराया जा रहा था। सैन्य कार्रवाई के बाद दूतावास के जरिये इन्हें भारत लाया गया था। अब तक की पड़ताल में ऐसी कोई जानकारी नहीं मिली है कि इन्होंने पहले भी कोई अपराध किया हो। - अनुराग आर्य, एसएसपी
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