Cable laying of high tension line in the Big Game
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
शहर स्काडा योजना के तहत हुए करोड़ों रुपये का काम मनमाने तरीके से कराया गया है। संबंधित अफसर कार्यालय में बैठक कर कागजी निरीक्षण कर बिल भी पास कर दिए। रविवार में श्यामगंज शाहदाना मार्ग पर बन रहे फ्लाईओवर निर्माण के दौरान हुई खुदाई में घटिया काम का खुलासा हुआ। बमुश्किल एक फीट नीचे बिछायी गयी हाईटेंशन केबिल से हादसा होते बचा। जानकारी मिलते ही मेयर मौके पर पहुंचे। चीफ इंजीनियर ने कहा है कि मामला गंभीर है, पूरी जांच होगी।
बिजली सप्लाई सुधार के लिए स्काडा योजना से शहर में विभिन्न कार्य हो रहे हैं। कार्यदायी संस्था पर सीधा अंकुश नहीं होने से ठेकेदार फर्म मनमानी और मानक के विपरीत काम हो रहा है। दर्जनों स्थानों पर भूमिगत 11 और 33 केवी क्षमता वाले केबिल बिछाए गए हैं। नियमानुसार हाईटेंशन केबिल कम से कम से छह-सात फीट नीचे बिछाया जाना चाहिए, लेकिन ज्यादातर स्थानों पर तीन फीट गहराई नहीं है।
श्यामगंज किराना बाजार चौराहा पर फ्लाईओवर के लिए पिलर बनाए जा रहे हैं। रविवार दोपहर में इसकी खुदाई हो रही थी, एक फीट पर हाईटेंशन केबिल निकल आया, इसके नीचे टेलीफोन लाइनें थीं। सेतु निगम इंजीनियरों ने तुरंत काम रुकवा दिया, इससे बड़ा हादसा होता बच गया। मेयर डा. आईएस तोमर खबर सुनते ही पहुंच गए। इससे पहले आसाम टी कंपनी के पास केबिल ऊपर मिला था। जानकारी मिलने पर चीफ इंजीनियर राजकुमार अग्रवाल ने तुरंत विभागीय अफसर दौड़ाए। मौके पर शाहदाना उपकेंद्र पर सप्लाई के लिए बिछी भूमिगत 33 केवी केबिल गहराई एक फीट भी नहीं मिली। उधर, जेई शाहदाना जगदीश सिंह ने बताया कि भूमिगत हाईटेंशन केबिल कम से कम छह-सात फीट गहराई में बिछायी जानी चाहिए। इस मार्ग पर तीन बार केबिल बिछाया गया और हर बार डैमेज हो गया। इसकी जानकारी अधिशासी अभियंता और अन्य अफसरों तक पहुंचा दी है।
‘एक फीट गहराई में हाईटेंशन केबिल बिछाना मानक के विपरीत है। मामले की जांच को जांच समिति बनेगी और संबंधित पर कार्रवाई होगी।’
- राजकुमार अग्रवाल, चीफ इंजीनियर