फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अफसरों की शिकायत करने पर भड़के मंत्री

विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। लखनऊ से यहां सर्किट हाउस पहुंचे कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर सरकार की योजनाओं पर चर्चा की। इसी दौरान एक भाजपा नेता ने अफसरों की शिकायत कर दी। कहा- अधिकारी उनकी सुनते ही नहीं हैं तो कैसे जनता के काम कराएं। इतना सुनते ही मंत्री भड़क गए। बोले- पार्टी के लोग ही काम नहीं कर रहे हैं। वे योजनाओं का लाभ पात्रों को दिलाने के बजाय अफसरों की शिकायतें करने में ही लगे रहते हैं। यह कमी जनप्रतिनिधियों की भी है। उन्हें भी सरकार की योजनाओं पर ध्यान देना चाहिए। मंत्री के तेवर देख पाटी नेता सकते में आ गए।
विज्ञापन

अधिकारी की शिकायत करने वाले भाजपा नेता से कैबिनेट मंत्री ने सवाल किया- सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए उन्होंने कितने पात्रों की सूची प्रशासन को उपलब्ध कराई है। सरकार प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत फुटपाथ पर दुकानें लगाने वालों को 10 हजार रुपये का ऋण दे रही है। इसमें पात्रों की सूची बनवाने में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को मदद करनी चाहिए, लेकिन वे ऐसा नहीं कर रहे। बेटी के जन्म से शादी तक कई योजनाओं से लाभान्वित किया जा सकता है, लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
एक भाजपा नेता ने कहा कि बैंकें ऋण ही स्वीकृत नहीं करती हैं, इस पर मंत्री ने कहा- यह आरोप गलत है। 10 लाख तक का ऋण पास होने में कोई कठिनाई नहीं आती। यदि उनके पास ऐसी कोई सूची हो तो उपलब्ध कराएं। देखें कैसे बैंक के अधिकारी मना करते हैं। निवेशकों की लिस्ट दें। वह यहां एक दिन रुकेंगे और उन्हें ऋण दिलवाएंगे। उन्होंने पार्टी नेताओं को नसीहत देते हुए कहा कि कहा कि व्यक्तिगत नहीं सार्वजनिक तौर पर काम करें। किसी गरीब को मकान दिला देंगे तो पार्टी का जनाधार बढ़ेगा। व्यवस्था में सुधार के लिए खुद को भी काम करना पड़ेगा। इस दौरान विधायक श्याम विहारी लाल, महापौर डॉ. उमेश गौतम, भाजपा महानगर अध्यक्ष के एम अरोड़ा, विशाल महरोत्रा, शीतल गुलाटी, सुधीर मेहरोत्रा, मनोज थपरियाल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन

पहचान काम से होती, नाम से नहीं
कैबिनेट मंत्री से एक कार्यकर्ता ने कहा कि आप हमारी पहचान डीएम से करा दें। इस पर मंत्री ने कहा कि पहचान नाम से नहीं, काम से होती है। आप लोग काम करें तो अधिकारी और जनता, सभी पहचानने लगेंगे।
लर्निंग ड्राइवर के हाथ में स्टेयरिंग हो तो कौन बैठना चाहेगा गाड़ी में
बरेली। प्रदेश के वित्त, संसदीय कार्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग मंत्री सुरेश खन्ना ने विपक्ष के हमलों पर कहा कि लर्निंग ड्राइवर के हाथों में गाड़ी का स्टेयरिंग सौंपकर पहाड़ों पर भेजा जाए तो गाड़ी में कोई बैठना नहीं चाहेगा। विपक्षी दलों की यही हताशा है। दरअसल, जनता उनके बजाय भाजपा और प्रदेश सरकार के कुशल नेतृत्व पर भरोसा कर रही है। सरकार 2.40 करोड़ किसानों को लाभान्वित कर रही है, जबकि विरोध करने वाले 250 किसान ही हैं। वह सर्किट हाउस में विभागीय अफसरों के साथ बैठक के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट निर्देश हैं कि सभी पात्र लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे। सरकार ने जिनके पास शौचालय उपलब्ध नहीं थे, उन्हें निशुल्क शौचालय और जिनके पास सर छिपाने को छत नहीं थी, उन्हें निशुल्क आवास उपलब्ध कराए हैं। ऑपरेशन कायाकल्प के तहत जनपद में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों का कायाकल्प हो चुका है।
बरेली-लखनऊ हाईवे के निर्माण कार्य में तेजी लाने की मांग
रुहेलखंड चार्टर्ड अकाउंटेंट्स सोसाइटी के अध्यक्ष सीए सुधीर मेहरोत्रा ने कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना को पत्र देकर मांग की है कि बरेली से लखनऊ हाईवे विगत 10 सालों से निर्माणाधीन है, इस कारण लखनऊ जाने में आठ घंटे लग जाते हैं। उन्होंने कहा कि बरेली स्मार्ट सिटी बन रहा है तो हमें अपनी कनेक्टिविटी को मजबूत बनाना होगा। इससे परोक्ष रूप से सरकार का राजस्व भी बढ़ेगा। उन्होंने मुंबई, बंगलूरू, हैदराबाद एवं अन्य बड़े शहरों को हवाई सेवा से जोड़ने की मांग की।
एनजीओ को सौंपेगे गोशालाओं की जिम्मेदारी
कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि गोशालाओं की जिम्मेदारी के लिए अच्छे एनजीओ को चिह्नित करें, ताकि गोशालाओं की दशा सुधर सके। गोशालाओं के लिए 300 करोड़ का बजट आवंटित हुआ है। जरूरत पढ़ने पर और पैसा देंगे। गोशालाओं में गोबर और गोमूत्र को संग्रहीत कर उसके प्रोडेक्ट एनजीओ के माध्यम से तैयार कराएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें