पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह
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कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह और तीन अन्य के खिलाफ करीब 14 वर्ष पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती का पुतला फूंकने के आरोप में दर्ज मुकदमा अदालत ने समाप्त कर दिया। यह आदेश विशेष मजिस्ट्रेट एमपी एमएलए कोर्ट शाम्भवी ने किया। शासन ने इस मुकदमे को वापस लेने का निर्देश दिया था और उच्च न्यायालय ने भी इसकी अनुमति दे दी थी।
मामले में 2 जून, 2010 को गांव गैनी शिवनगर के रहने वाले ओमपाल की ओर से थाना अलीगंज में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि गौरी शंकर गुलड़िया के रहने वाले धर्मपाल सिंह गैनी शिवनगर में सुबह 9 बजे सभा करने आए थे। वहां उनके इशारे पर बड़ी संख्या में मौजूद गांव के लोगों ने मुख्यमंत्री मायावती का पुतला बनाया। पुतले में सचिन, सूर्य प्रकाश व ओमकार शर्मा ने धर्मपाल सिंह के कहने पर आग लगाई। वहां मौजूद कई लोगों ने मना किया लेकिन ये लोग नहीं माने। वादी ने कहा कि पुतला जलाने की जगह पर उनके बच्चे भी मौजूद थे। उन्होंने घर आकर बताया तो वह लोग मौके पर पहुंचे। वहां जला हुआ पुतला मौजूद था। टोकने पर सभी लोग लड़ने पर आमादा हो गए।