Buying potatoes Center, do not come farmers
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
शासन की मंशा है कि आलू की खेती करने वाले किसानों को ज्यादा फायदा पहुंचे, लेकिन शासन की मंशा को स्थानीय स्तर पर ही फेल किया जा रहा है। योगी सरकार के निर्देश पर बरेली जिले के फरीदपुर में आलू खरीद केंद्र खोला गया है। केंद्र पर दोहरा स्टाफ भी तैनात किया गया है पर प्रचार-प्रसार के अभाव में दूसरे दिन भी किसान अपने आलू बेचने यहां नहीं पहुंचे।
सरकार ने ज्यादा आलू उत्पादन और बाजार में भाव न मिलने से परेशान किसानों का दर्द कम करने का काम किया है। आलू किसानों के लिए बाजार हस्तक्षेप योजना लागू की गई है। इस योजना के तहत नामित क्रय एजेंसियां जिले में आलू खरीद कर सकेंगी। बरेली में उप्र राज्य औद्योगिक सहकारी विपणन संघ (हॉफेड) को आलू खरीद की जिम्मेदारी मिली है। प्रशासन के सुझाव पर संस्था ने फरीदपुर के लक्ष्मी शीतगृह में बुधवार से क्रय केंद्र शुरू किया है। यहां हॉफेड के अलावा उद्यान विभाग के कर्मचारी भी तैनात हैं। गुरुवार शाम तक यहां कोई किसान आलू बेचने नहीं आया। यहां औसत क्वालिटी का आलू 487 रुपये प्रति क्विंटल खरीदा जाएगा। किसानों को सलाह दी गई है कि वह 30 मिलीमीटर से 55 मिलीमीटर साइज का आलू ही लेकर आएं। आलू कटा-फटा, हरा रोगग्रस्त न हो। जिले भर के किसान अपना आलू यहां बेच सकेंगे। भुगतान सीधा उनके खातों में किया जाएगा।
सात मई तक होगी खरीद
जिला उद्यान अधिकारी पूजा ने बताया कि शासन ने सभी जिलों में यह योजना लागू की हुई है। सात मई तक यह केंद्र खोले जाएंगे। योजना का लाभ केवल किसानों को मिलना है। कहीं व्यवसायी इसका लाभ न उठा लें, इसलिए आलू बेचने वालों को साथ में किसान बही और अपनी बैंक पासबुक भी लानी होगी। खरीद के बाद शीघ्र ही संबंधित रकम उनके बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी। बताया कि जिला उद्यान विभाग इस खरीद की मॉनीटरिंग करेगा। खरीद में परेशानी हो तो किसान उनसे और क्रय केंद्र प्रभारी से शिकायत कर सकते हैं। क्रय केंद्र पर खरीद न होने के बाबत उन्होंने बताया कि किसानों को जानकारी न होने की वजह से ऐसा हुआ होगा। विभाग इसका प्रचार कर रहा है, जल्द ही किसान आने लगेंगे।
बंपर हुई है आलू की फसल
जिले में इस साल तीन हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में आलू की खेती हुई थी। इससे करीब 88700 टन आलू की पैदावार हुई जो पिछली साल के मुकाबले पंद्रह फीसदी ज्यादा है। जिले में आलू के मुख्य उत्पादक क्षेत्र फरीदपुर और आंवला तहसील हैं। थोक में किसानों का आलू ढाई सौ से तीन सौ रुपये प्रति क्विंटल बिका है, जिससे फसल की लागत तक नहीं मिली है। यही वजह रही कि तमाम किसानों ने आलू की देर तक खुदाई नहीं की तो कई किसानों का आलू उनके घरों में पड़ा खराब हो रहा है।