Buy playing patting silver coin
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
धनतेरस और दिवाली पर अगर आप चांदी का सिक्का खरीदने जा रहे हैं तो सावधानी बरतें, क्योंकि मिलावटी सिक्कों से बाजार भरा हुआ है। इसके साथ ही चांदी और सोने के सिक्के विभिन्न रूपों में मौजूद हैं।
इस बार बाजार में धार्मिक चित्रकारी वाले चांदी के सिक्के प्रचलन से बाहर हैं, ग्राहक मानने लगे थे कि उसमें साठ प्रतिशत से ज्यादा शुद्धता नहीं होती है। वहीं जरूरत पड़ने पर ऐसे सिक्कों को बेचने पर दुकानदार भी आनाकानी करते हैं, जिसके चलते पुराने विक्टोरिया (अंग्रेजी) शासन में ढले सिक्कों की मांग बढ़ने लगी है। वहीं उत्पादक भी कम नहीं हैं, उन्होंने नकली एंटिक सिक्के बाजार में उतार दिए हैं, जिससे बाजार में नकली एंटिक सिक्कों की भरमार हो गई है, जिसे ग्राहक आसानी से पहचान भी नहीं सकता।
बाजार में विभिन्न वजन वाले सिक्के, डालर, पांच सौ आदि के नोट भी उपलब्ध हैं। सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष संदीप अग्रवाल सलाह देते हैं कि एंटिक शक्ल में ढला 91.60 प्रतिशत शुद्धता वाला ही चांदी का सिक्का खरीदें। अग्रवाल ने बताया 11.664 ग्राम वजन वाला पुराना असली सिक्का आठ सौ रुपये में मौजूद है, जबकि नया बना हुआ सिक्का पांच रुपये में बिक रहा है। वहीं मिलावटी सिक्का पौने चार सौ रुपये तक बिक रहा है।
अबकी बैंक और डाकघर नहीं बेचेंगे सोने का सिक्का
इस बार बैंक और डाकघरों में सोने का सिक्का नहीं मिलेगा। क्योंकि केंद्र सरकार ने गोल्ड बांड जारी किए हैं। दो नवंबर तक इसकी बिक्री होगी। ग्राहक 2.50 प्रतिशत ब्याज दर पर निवेश कर सकता है। इसलिए बैंकों में सिक्के नहीं मिलेंगे। एसबीआई के खजांची राजेंद्र कुमार बताते हैं कि तमाम लोग सोने का सिक्का खरीदने के लिए पूछताछ कर चुके हैं। प्रवर डाक अधीक्षक रामेश्वर दयाल ने बताया कि विभाग ने इस दीपावली सोने का सिक्का उपलब्ध नहीं कराया है।