लघु उद्योग भारती के मंडल अध्यक्ष उन्मुक्त संभव शील ने कहा कि उपभोक्ताओं को जब उत्पाद कम कीमत पर मिलेंगे तो खपत बढ़ेगी। इससे उत्पादन बढ़ेगा। जिसकी बिक्री से मिलने वाला राजस्व सरकार के खाते में जाएगा। उद्यमी, विक्रेता और क्रेता तीनों के हित में रहेगा।
मेंथा ऑयल कारोबारी एवं निर्यातक के गौरव मित्तल ने कहा कि मेंथॉल से तैयार उत्पादों पर 28 फीसदी जीएसटी स्लैब में थे, जो अब 18 में दर्ज होंगे। करीब दस फीसदी की कमी से बाजार में मांग बढ़ेगी। ट्रंप टैरिफ के संतुलन में कुछ हद तक राहत की उम्मीद जताई जा रही है।
रोजमर्रा की चीजें होंगी सस्ती
चार्टर्ड एकाउंटेंट के अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि जीवन रक्षक दवा, कर्मचारी बीमा, शिक्षा सामग्रियों पर जीएसटी शून्य होना बड़ा फैसला है। इसके अलावा अन्य उत्पादों पर लग रहे टैक्स में गिरावट से आम जनता को रोजमर्रा की चीजों से लेकर तमाम लग्जरी वस्तुएं भी सस्ते होंगी।
भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के महानगर अध्यक्ष अनुज गुप्ता ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था टैक्स पर निर्भर होती है। बदलाव से बाजार में क्रय-विक्रय बढ़ेगा, मुद्रा स्फीती में तरलता आएगी। पांच ट्रिलियन अर्थव्यस्था की ओर देश बढ़ेगा।
उप्र उद्योग व्यापार मंडल के प्रांतीय महामंत्री राजेंद्र गुप्ता ने कहा कि व्यापारी शुरुआत से ही जीएसटी की दर कम करने की मांग कर रहे थे। जो अब पूरी हुई। कार, सीमेंट, खाद्य सामग्री, कृषि उपकरण समेत नाश्ता से लेकर भोजन तक के उत्पाद की कीमत में कमी आएगी।