फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लॉकडाउन में व्यापारी ने फैलाया ठगी का कारोबार, आरोपी गिरफ्तार

विज्ञापन
पकड़ा गया ठगी का आरोपी। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
विज्ञापन

फौजी को नौकरी दिलाने का झांसा देकर साढ़े नौ लाख ठगे
विज्ञापन

एक अन्य आरोपी ने खुद को सुप्रीम कोर्ट का वकील और सलमान खान का बताया था रिश्तेदार

बरेली। लॉकडाउन में किराना व्यापारी ने ठगी का कारोबार फैला दिया और कई लोगों को निशाना बनाया। रिटायर्ड फौजी से नौकरी लगवाने के नाम पर साढ़े नौ लाख रुपये ठगने के आरोप में पुलिस ने बृहस्पतिवार को उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
पुलिस के मुताबिक, प्रेमनगर में नवाब का टीला मीरा गोयल वाली निवासी फौजी प्रेमपाल सेवानिवृत्त होने के बाद मिली रकम को निवेश करने की योजना बना रहे थे। पिछले साल मार्च में वह दोस्त के साथ साइबर कैफे में बैठकर इस बारे में चर्चा कर रहे थे। इसी दौरान वहां पहुंचे विजय बहादुर जौहरी ने उनकी बातें सुनकर उन्हें प्रभाव में ले लिया। खुद को एक पार्टी का जिलाध्यक्ष बताकर रेलवे में टिकट निरीक्षक के पद पर नौकरी लगवाने की बात कही, जिसका खर्चा 15 लाख रुपये बताया। प्रेमपाल को भरोसा नहीं हुआ तो आरोपी ने उन्हें अपने घर बुलाया। वहां विजय की पत्नी नलिनी जौहरी ने भी उन्हें यकीन दिलाया तो वह झांसे में आ गए और टुकड़ों में सवा नौ लाख रुपये आरोपी को दे दिए। इस दौरान वहां एक अन्य व्यक्ति भी मौजूद था, जिसने अपना नाम आर खान और सुप्रीम कोर्ट में वकील और सलमान खान का रिश्तेदार बताया। उन्हें शक न हो इसके लिए फार्म भरवाया गया और सादा पेपर पर साइन कराकर 20 दिन में नौकरी लगवाने का झांसा दिया गया। जब नौकरी नहीं लगी तो आरोपियों ने उन्हें चेक दे दिए, जो बाउंस हो गए। इस मामले में दिसंबर 2020 में आरोपियों के खिलाफ थाना प्रेमनगर में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। बृहस्पतिवार को पुलिस ने विजय बहादुर जौहरी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही थीं बेटियां, ठग लिए 2.60 लाख

बरेली। लॉकडाउन में ही विजय बहादुर जौहरी ने प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहीं एक किसान की दो बेटियों को भी ठगी का निशाना बनाया। रेलवे में टीसी (टिकट कलक्टर) की नौकरी दिलाने के नाम पर उनसे 2.60 लाख रुपये ठग लिए। शिकायत मिलने के बाद एसएसपी ने इस मामले की जांच सीओ प्रथम को सौंपी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बृहस्पतिवार को एसएसपी से मिलने पहुंचे शीशगढ़ के गांव बल्ली निवासी महेंद्र पाल ने बताया कि उनकी दो बेटियों ने बीटीसी और ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी कर ली है। दोनों इज्जतनगर की कृष्णा वाटिका कॉलोनी में किराए पर रहकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही हैं। उसी कॉलोनी में विजय बहादुर जौहरी की किराना की दुकान है। महेंद्र का आरोप है कि पिछले साल लॉकडाउन में दुकान पर आने-जाने के दौरान विजय बहादुर ने बेटियों को रेलवे में टीसी की नौकरी लगवाने का झांसा दिया और आठ-आठ लाख रुपये खर्च बताया। बेटियों के समझाने पर वह भी उसकी बातों में आ गए। इसके बाद 23 मार्च 2020 को उन्होंने आरोपी को 2.60 लाख रुपये दिए, जिसमें एक लाख रुपये नकद और 1.60 लाख चेक के जरिये दिए गए। आरोपी ने दोनों बेटियों के रेलवे के फार्म भी भरवाए। नौकरी न लगने पर उन्होंने रुपये वापस मांगे तो वह टालमटोल करने लगा। काफी दबाव बनाने पर आरोपी ने मंगलवार को रुपये लौटाने के बहाने उन्हें घर बुलाकर बंधक बना लिया। महेंद्र का आरोप है कि विजय उनकी हत्या करना चाहता था लेकिन वह भाग निकले। उनकी शिकायत पर एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने सीओ प्रथम को मामले की जांच सौंपी है।

खुद को नेता बताकर लगवाए होर्डिंग

विजय बहादुर जौहरी खुद को एक्शन पार्टी का जिलाध्यक्ष बताता था। लोगों को झांसे में लेने के लिए उसने शहर में जगह-जगह बड़े-बड़े होर्डिंग लगवा रखे हैं। इनमें से अधिकांश होर्डिंग बीसलपुर रोड और डोहरा रोड पर लगाए गए हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें