बरेली। राज्यकर विभाग की एसआईबी टीम ने केलाबाग स्थित ऑयल ट्रेडिंग, मार्केटिंग सर्विस से जुड़ीं तीन फर्मों में टैक्स चोरी पकड़ी है। तीनों फर्मों के मालिक आपस में भाई-बहन हैं। जांच में यहां 1.20 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी मिली है। मौके पर 11.60 लाख रुपये टैक्स के रूप में जमा कराए गए हैं।
राज्यकर अपर आयुक्त ग्रेड-1 एचपी राव दीक्षित के मुताबिक प्लैनेटॉक्स, जील एंड जेस्ट, न्यूडॉक्स नाम से तीन अलग-अलग फर्में संचालित की जा रही थीं। टैक्स चोरी की सूचना पर छापा मारा गया तो इन फर्मों का जहां कार्यस्थल बताया गया था वहां आवास मिला। तीनों फर्म के मालिक और डायरेक्टर भाई-बहन मिले। फर्मों के कारोबार और टैक्स चोरी की अलग-अलग जांच रिपोर्ट तैयार की गई।
इनमें प्लैनेटॉक्स फर्म फ्यूल, हाइड्रोकार्बन ऑयल आदि की ट्रेडिंग के लिए पंजीकृत है। इस फर्म ने गुजरात व महाराष्ट्र की फर्जी और निरस्त फर्मों से वर्ष 23-24 व 24-25 में करीब पांच करोड़ की फर्जी खरीद के साथ ही मार्केटिंग सर्विस के लिए सप्लाई भी दिखाई। हालांकि किए गए कारोबार के सापेक्ष टैक्स जमा नहीं किया गया। फर्म का कोई स्टॉक मौके पर नहीं मिला। प्राथमिक जांच में 90 लाख की टैक्स चोरी मिली। इसके सापेक्ष 3.60 लाख रुपये सरकारी कोषागार में जमा कराए गए। विस्तार से जांच के लिए कई दस्तावेज भी जब्त किए गए।
दो साल में कारोबार में दिखा दी 14 गुना गिरावट
जील एंड जेस्ट फर्म भी ईंधन ट्रेडिंग के लिए पंजीकृत है। इस फर्म का वर्ष 2021-22 में टर्नओवर 54 करोड़ था, जो साल भर में 14 गुना गिरकर 3.78 करोड़ रुपये रह गया। इस वित्तीय वर्ष में अब तक 41 लाख रुपये का टर्नओवर दस्तावेजों में घोषित किया गया। खरीद, बिक्री के कागजों के अनुसार मौके पर करीब 80 लाख का स्टॉक होल्ड होना चाहिए था लेकिन कुछ नहीं मिला। प्राथमिक जांच में 15 लाख टैक्स चोरी मिलने पर चार लाख रुपये जमा कराए गए।
महाराष्ट्र की फर्जी फर्म से 90 लाख की खरीद
न्यूडॉक्स फर्म भी ईंधन ट्रेडिंग के लिए पंजीकृत मिली। फर्म द्वारा माल की खरीद और बिक्री संबंधी कोई ई-वे बिल जारी नहीं मिला। जांच में पता चला कि महाराष्ट्र की फर्जी फर्म से 90 लाख की खरीद दिखाई। वहीं, इसी पते पर दर्ज प्लैनेटॉक्स से भी खरीद दिखा दी। फर्जी फर्म से मार्केट सर्विस की सप्लाई की जानकारी दी गई जो फर्जी मिली। कोई टैक्स जमा नहीं किया जा रहा था। 16 लाख टैक्स चोरी के सापेक्ष चार लाख रुपये जमा कराए गए। जांच जारी है। अमर उजाला ब्यूरो