धनतेरस पर इस साल शाम को खरीदारी का मुहूर्त था, लेकिन बाजार में दोपहर से ही ग्राहकों की कतार ने कारोबारियों की आस पूरी की। हर तरफ ग्राहकों के स्वागत के लिए बाजार तैयार रहा। रातभर खरीदारी हुई।
बरेली में धनतेरस पर उम्मीदों के साथ ग्राहकों के स्वागत के लिए सजे बाजार पर करीब 800 करोड़ रुपयों की धनवर्षा हुई। इससे कोरोना महामारी और मंदी की मार से सिमटा बाजार खिल उठा। सराफा, वाहन समेत सभी सेक्टर में बंपर बिक्री हुई। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि चार साल पहले कारोबार की जो स्थिति थी, उसके मुकाबले अब दोगुना कारोबार हुआ।
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कारोबारियों के मुताबिक कोरोना के चलते दो साल पहले महज दो सौ से तीन सौ करोड़ का कारोबार हो रहा था। बीते साल से स्थितियां सुधरीं, लेकिन इस साल ग्राहकों ने रिकॉर्ड खरीदारी की। इससे प्रतीत होता है कि सिर्फ बाजार ही पहले की तरह नहीं संभला, बल्कि लोगों के खर्च की क्षमता भी बढ़ी है। इसने महंगाई के बावजूद लोगों को बाजार तक पहुंचाया। बीते साल के आंकड़ों पर गौर करें तो वर्ष 2018 में धनतेरस का बाजार 321 करोड़ रुपये रहा।
वर्ष 2019 में महंगाई की मार पड़ी तो बाजार 270 करोड़ पर ही सिमटा था। फिर 2020 में कोरोना महामारी हावी रही आैर कारोबार 175 करोड़ तक गिर गया। वर्ष 2021 में 350 करोड़ का कारोबार था। बाद में 2022 में 650 करोड़ के आसपास और अब 800 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। आगे भी अच्छे कारोबार की उम्मीद है।
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शाम का मुहूर्त, दोपहर से शुरू हुई खरीदारी
धनतेरस पर इस साल शाम को खरीदारी का मुहूर्त था, लेकिन बाजार में दोपहर से ही ग्राहकों की कतार ने कारोबारियों की आस पूरी की। हर तरफ ग्राहकों के स्वागत के लिए बाजार तैयार रहा। कतार के आसार से दुकानों पर माल का स्टॉक भरपूर था। दोपहर से शुरू हुआ खरीदारी का सिलसिला देर रात तक जारी रहा। ज्वेलरी, वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स, बर्तन, कपड़ा, मिठाई, रियल एस्टेट में ही 60 फीसदी से ज्यादा रहा।
आज भी धनतेरस का मुहूर्त, करें खरीदारी
ज्योतिषाचार्य डॉ. सौरभ शंखधार के मुताबिक पिछली साल की तरह ही इस बार भी धनतेरस का मुहूर्त दो दिनों का है। किन्हीं वजहों से जो लोग शुक्रवार को खरीदारी नहीं कर सके। वे शनिवार को भी शुभ लाभ की उम्मीदों के साथ खरीदारी कर सकते हैं।
उम्मीद से ज्यादा गुलजार रहा सराफा
मान्यतानुसार सोने और चांदी की खरीदारी को समृद्धि का आधार माना जाता है। इसी उम्मीद के साथ लोग बाजार में पहुंचे और गहनों के साथ सिक्कों की खरीदारी की। देवी-देवता समेत राम दरबार की चांदी की प्रतिमा की भी खूब मांग रही।
पिछले और इस साल का कारोबार
सेक्टर वर्ष 2022 वर्ष 2023
सराफा 200 250
वाहन 125 200
इलेक्ट्रॉनिक्स 45 60
मिठाई अन्य 30 60
बर्तन 25 40
किराना 35 50
आतिशबाजी 04 07
रियल एस्टेट 30 40
कपड़ा 20 25
दीये मूर्ति 1.5 02
सजावट 40 50
अन्य फुटकर 10 15
नोट : कारोबारियों की ओर से अनुमानित आंकड़ा करोड़ में।