फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पुल निर्माण में लेटलतीफी से ठप व्यापार, पता नहीं कैसे उबरेंगे

सार

निर्माणाधीन चौपुला पुल के व्यापारियों की आपबीती
 
विज्ञापन
निर्माणाधीन चौपुला ओवरब्रिज। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पहले लॉकडाउन ने मारा, अब पुल निर्माण ने कारोबार चौपट कर दिया

बरेली। निर्माणाधीन चौपुला पुल के व्यापारियों का कहना है कि पुल निर्माण के चलते कुछ समय के लिए काम चौपट होता है लेकिन प्रोजेक्ट की लेटलतीफी कारोबार को पूरी तरह बर्बाद कर देती है। उनका कहना है कि पुल निर्माण शुरू होने के बाद से ही काम चौपट होना शुरू हो गया था। फिर कोरोना ने मारा और उसके बाद पुल निर्माण में लगातार हो रही लेटलतीफी से यहां के व्यापारी बर्बादी की कगार पर पहुंच चुके हैं। वे लोग इससे कैसे उबरेंगे, इसका कोई अंदाजा नहीं है।
विज्ञापन

अमर उजाला से बातचीत में चौपुला क्षेत्र के व्यापारियों ने कहा कि चौपुला पुल का निर्माण समय सीमा में नहीं हो पाया है। इसके चलते रास्ता बंद है और आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया है। कारोबार न होने से कई दुकानों में महीनों से ताला पड़ा है। अधिकतर व्यापारी जमापूंजी खा चुके हैं और साल भर तक पुल शुरू होने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं। इस वजह से व्यापारी नहीं समझ पा रहे हैं कि वे इस नुकसान की भरपाई कैसे करेंगे। कुतुबखाना के व्यापारियों को भी यही डर सता रहा है और इसी वजह से उन्हें फ्लाईओवर मंजूर नहीं है। व्यापारियों का कहना है कि समय से पुल नहीं बन पाना, उनकी बर्बादी का कारण बन जाएगा। काम बंद होगा तो ग्राहक दूसरी दुकानाें पर चले जाएंगे और इससे जो नुकसान होगा, उसकी कभी भरपाई नहीं हो सकेगी क्योंकि यहां फुटकर दुकानदारी है।

चौपुला पुल के आसपास के व्यापारियों का दर्द

पुल निर्माण में लगातार लेटलतीफी हो रही है। पुल निर्माण शुरू होने के साथ ही यहां व्यापार चौपट हो गया था। उसके बाद कोरोना काल में भी कारोबार ठप रहा। कोरोना काल के बाद यहां से वाहन निकलने बंद हो गए और अब दो माह से सेतु निगम ने ब्लॉक ले रखा है। इस निर्माण ने कारोबार पूरी तरह से बर्बाद कर दिया है। - राकेश कालरा, ट्रेवल एजेंसी

पुल निर्माण के समय सिर्फ एक पक्ष को देखा जाता है। न तेजी से काम किया जाता है और न यह देखा जाता है कि व्यापारियों का कितना नुकसान हो रहा है। छोटे व्यापारी पूरी तरह बर्बाद हो गए हैं, उन्हें कैसे उबारा जाएगा। वे परिवार चलाने के लिए कितना संघर्ष कर रहे हैं, इस पर किसी का भी ध्यान नहीं जाता है। - संजय वर्मा, स्टेशनरी व्यापारी

कुतुबखाना इलाके के व्यापारियों की आशंका

लाल फाटक आज तक लटका हुआ है। चौपुला पुल निर्माण में भी लगातार लापरवाही हो रही है। निर्माण से पहले अधिकारी बड़े-बड़े दावे करते हैं लेकि न उसके बाद हमारी सुनने कोई नहीं आता है। यहां फ्लाईओवर की जरूरत नहीं है। प्रशासन एक बार बाजार का सर्वे तो कराए। इसके बाद कोई फैसला करे। - आशीष, स्टेशनरी व्यापारी

प्रशासन अतिक्रमण हटवाकर सड़क का मूल रूप बहाल करे। यहां कलक्ट्रेट, कचहरी व जंक्शन जाने वालों की भीड़ नहीं होती। 70 फीसदी लोग बाजार में खरीदारी को आते हैं। तीस फीसदी लोगों के लिए व्यापारियों और उनके परिवारों को बर्बादी की ओर धकेला जा रहा है। जाम से निजात के लिए दूसरे विकल्पों पर काम होना चाहिए। - मीरान रियासत, फुटवियर कारोबारी

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें