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लाल फाटक ओवरब्रिज : रेलवे ने चार महीने बाद फिर शुरू किया काम

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लाल फाटक ओवरब्रिज। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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रेलवे को बनाने हैं पांच पिलर, सेतु निगम का पूरा हो चुका है काम
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23 अगस्त को भूमि पूजन के बाद रेलवे ने बंद कर दिया था काम

बरेली। लाल फाटक ओवरब्रिज पर रेलवे ने चार महीने बाद दोबारा काम शुरू कर दिया है। सेतु निगम अपने हिस्से का करीब नब्बे फीसदी काम पूरा कर चुका है और रेलवे को अपने हिस्से के पांच पिलर बनानेे हैं। मगर रेलवे ने 23 अगस्त को भूमि पूजन के बाद पिलर की डिजाइन बदलने की बात कहते हुए काम रोक दिया था।
वर्ष 2017 में 82.50 करोड़ रुपये के बजट से 955 मीटर लंबे लाल फाटक ओवरब्रिज का काम शुरू हुआ था। यह काम मार्च 2020 में पूरा होना था लेकिन पहले लॉकडाउन और फिर रेलवे की हीलाहवाली से इसमें तमाम अड़ंगे लगते रहे। इस लेटलतीफी के चलते शासन को पुल का बजट बढ़ाकर 96.67 करोड़ रुपये करना पड़ा। वहीं, ओवरब्रिज निर्माण के लिए रक्षा मंत्रालय की एनओसी का पेंच अब भी फं सा है। हालांकि सेतु निगम लाल फाटक ओवरब्रिज पर कैंट और बदायूं मार्ग की तरफ काम पूरा कर चुका है। अब यहां रेलवे के हिस्से का काम बाकी है। रेलवे को यहां पांच पिलर तैयार करने हैं लेकिन अगस्त में पिलर का गड्ढा खोदने के अलावा यहां कोई काम नहीं हुआ। कमिश्नर ने इस पर नाराजगी भी जताई तो अब रेलवे ने काम शुरू कर दिया है। रेलवे के मंडल अभियंता हरप्रीत सिंह ने बताया कि काम शुरू कर दिया गया है। जल्दी ही पांचों पिलर तैयार किए जाएंगे।
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सेना को जमीन देने की सहमति बनी मगर एनओसी नहीं मिली
लालफ ाटक ओवरब्रिज के लिए सेतु निगम को कैंट क्षेत्र में करीब 6500 वर्गमीटर भूमि की जरूरत है। सर्वे रिपोर्ट में करीब 4500 वर्गमीटर जमीन कैंट बोर्ड और बाकी 2000 वर्गमीटर जमीन सेना की सामने आई थी। इस भूमि के मूल्य के बराबर मूल्य की जमीन कैंट बोर्ड और सेना को देने पर रजामंदी बन चुकी है लेकिन रक्षा मंत्रालय से अभी तक अनुमति नहीं मिली है।
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