बाजारों में पहले दिन रोस्टर का असर नहीं, कायम रही भीड़भाड़
बरेली। पहले ही दिन नए रोस्टर का बाजार में कोई असर नहीं दिखा। श्यामगंज के साथ किला और बड़ा बाजार में भीड़भाड़ के नजारे पहले ही की तरह दिखाई दिए। नए रोस्टर से भीड़ कम होने की जो गुंजाइश थी, वह 16 जुलाई से 15 दिन का लॉकडाउन लागू होने की अफवाह ने खत्म कर दी। इस बीच नए रोस्टर पर व्यापारी राजनीति का तापमान भी बढ़ता रहा। सोशल मीडिया पर समर्थन और विरोध के सिलसिले के साथ व्यापारी संगठनों की बैठकें भी हुईं और इस मुद्दे पर प्रमुख जनप्रतिनिधियों को भी घेरने की कोशिश चलती रहीं।
नए रोस्टर पर बुधवार को पूरे दिन बाजार में चर्चाएं गरम रहीं। ज्यादातर दुकानदारों ने इस रोस्टर को व्यापारिक माहौल के खिलाफ बताया तो कुछ ने ‘जान है तो जहान है’ जैसे जुमले कहकर समर्थन किया। इस बात पर भी बहस चलती रही कि बाजार पूरी तरह खुलने से भीड़ कम होगी या फिर आधा खुलने से। इस सबके बावजूद दुकानें रोस्टर के मुताबिक ही खुलीं। सोशल मीडिया पर जरूर व्यापारी नेताओं की ओर से प्रशासन के फैसले के खिलाफ मुहिम जैसा माहौल रहा। इस मुद्दे पर जनप्रतिनिधियों को भी लगातार घेरने की कोशिश की जाती रही। हालांकि जनप्रतिनिधियों ने इस मुद्दे से दूरी बनाए रखी। अमर उजाला ने विधायकों से बात की तो उन्होंने दो टूक कहा कि उनके पास कोई आएगा तभी तो वह समस्या उठाएंगे। उनके पास अब तक कोई नहीं आया तो प्रशासन से क्या बात की जाए।
प्रशासन से फिर करेंगे रोस्टर बदलने की फरियाद
बरेली। उम्मीद के मुताबिक नया रोस्टर न लागू होने पर बुधवार को पूरे दिन व्यापारी संगठनों की बैठकों का दौर चलता रहा। व्यापारी नेताओं ने अफसरों पर मनमानी के आरोप लगाने के साथ निर्णय लिया कि एक बार फिर प्रशासन से रोस्टर पर विचार करने का आग्रह किया जाएगा। उद्योग व्यापार मंडल के प्रांतीय महामंत्री राजेंद्र गुप्ता ने कोहाड़ापीर, राजेंद्रनगर, किला, सिविल लाइंस, बड़ा बाजार इलाकों में व्यापारियों से नए रोस्टर पर फीड बैक लिया। इस दौरान आरोप लगाया गया कि रोस्टर पूरी तरह व्यापारियों के खिलाफ है। प्रशासन ने व्यापारी हितों पर कोई गौर नहीं किया। इसके बाद शाम को श्यामगंज कार्यालय पर प्रमुख पदाधिकारियों की बैठक में तय किया गया कि प्रशासन से एक बार फिर रोस्टर बदलने का आग्रह किया जाएगा। इस बैठक में दुर्गेश खटवानी, संजीव चांदना, विपिन गुप्ता आदि मौजूद थे।
उधर, व्यापारी सेवा संघ ने भी कुतुबखाना में बैठक कर रोस्टर का विरोध किया। नावेद खान ने कहा कि उम्मीद थी नए रोस्टर से व्यापारियों को राहत मिलेगी लेकिन यह रोस्टर निराशाजनक है। अब महीने में सिर्फ आठ दिन एक दिशा का बाजार खुल पाएगा। व्यापारियों को अपने खर्च पूरा करना मुश्किल पड़ेगा। दीपक अग्रवाल ने कहा प्रशासन रोस्टर नहीं बदलेगा तो इच्छा मृत्यु की मांग करेंगे। बैठक में विकास, नीरज चंद्रा, संजय अरोड़ा, जावेद खान,अमित आदि ने विचार रखे।
नियम-कायदों के पालन की अपील करते हुए बाजारों में घूमीं पुलिस की गाड़ियां
भीड़भाड़ से अटे श्यामगंज में पुलिस का इंतजाम तो नहीं था लेकिन दिन में कई बार लाउडस्पीकर पर ट्रैफिक और लॉकडाउन के नियमों का पालन की अपील करते हुए पुलिस की गाड़ियां जरूर गुजरीं। हालांकि भीड़भाड़ पर इसका कोई खास असर नहीं पड़ा। ई-रिक्शा और ठेलोें की भी रोज की तरह भरमार थी जिससे लोगों का चलना मुश्किल था। सोशल मीडिया पर वायरल हुई 16 जुलाई से 15 दिन का लॉकडाउन लगने की सूचना ने भी भीड़भाड़ बढ़ाने का काम किया। कुतुबखाना-किला मार्ग पर भी ऐसी ही स्थिति बनी रही।
श्यामगंज में नया रोस्टर भी नहीं चला
श्यामगंज बाजार में शुरू से ही भीड़भाड़ और रोस्टर के खिलाफ मनमानी का माहौल बना हुआ जो बुधवार को भी बना रहा। कई व्यापारियों ने पहले ही दिन नए रोस्टर का उल्लंघन किया। विपरीत दिशा में घी-तेल, किराना, हार्डवेयर, बर्तन की तमाम दुकानें खुली रहीं। ऐसे कई दुकानदारों ने आधा शटर गिराकर कारोबार किया।
मैं अभी दिल्ली में हूं। इस मुद्दे पर बरेली आकर बात करेंगे। व्यापारियों ने भी अभी मुझे इस तरह की किसी समस्या से अवगत नहीं कराया है। -संतोष गंगवार, केंद्रीय मंत्रीबेहद खराब रोस्टर लागू हुआ है। इससे अच्छा पहले वाला ही था। कम से कम दिन के हिसाब से पता चल जाता था कौन सा बाजार खुलेगा। तारीख के हिसाब से दुकान खोलने में व्यापारी और ग्राहक दोनों को परेशानी हो रही है। प्रशासन इस पर पुनर्विचार करे। - अवधेश अग्रवाल, व्यापारी नेता
जब पांच दिन बाजार खोलना है और दो दिन लॉकडाउन रहेगा तो रोस्टर लागू करने का क्या औचित्य है। दो दिन बाजार में सफाई और सैनिटाइजेशन के लिए तो ठीक हैं लेकिन बाकी दिनों में तो बाजार पूरी तरह खुलना चाहिए। - नवनीत कुमार, थोक व्यापारी