बाजार के पास से गुजरते हैं विद्यार्थी व लोग
साहू रामस्वरूप महिला महाविद्यालय, चंद्रवती प्राथमिक स्कूल, राम गोपाल पाठशाला जूनियर हाईस्कूल, सावित्री देवी शिक्षण संस्थान के छात्र-छात्राएं रोजाना इस बाजार के पास से ही गुजरते हैं। इस बाजार में लोग खरीदारी करने भी आते हैं। इसमें नर्सिंग होम, जूस कार्नर जूते व लोहे की दुकानें हैं। दुकान के साथ बरामदे व सड़क तक कब्जा है। इन इलाकों में जहां निजी दुकानों का किराया सात से आठ हजार रुपये है, वहीं व्यापारी निगम को मामूली किराया देते हैं।
शास्त्रीनगर बाजार का भी यही हाल
यही स्थिति कुतुबखाना के पास स्थित शास्त्रीनगर बाजार की है। यहां 150 दुकानें हैं, जिनको नगर निगम ने जर्जर घोषित कर दिया है। यहां भी व्यापारी दुकानें नहीं छोड़ रहे हैं। इसके अलावा नगर निगम के भवन में पन्नी लाल कोठी में आयुर्वेदिक अस्पताल चल रहा है। यह जर्जर हाल में है, कभी भी गिर सकता है। हिंद टाकीज के पीछे भी नगर निगम की दुकानें जर्जर हो गई हैं।
जैन मंदिर के पीछे निगम के कर्मचारियों के लिए बनाया गया आवास भी जर्जर हो गया है। पीडब्ल्यूडी से जांच कराकर इन भवनों को कंडम घोषित कराने की तैयारी है। सिकलापुर के पार्षद जयप्रकाश राजपूत ने बताया कि जिस तरह नगर निगम लोगों के घरों को गिराने के लिए नोटिस चस्पा कर रहा है, उसी प्रकार अपनी जर्जर दुकानों व भवनों को गिरा दे तो हादसों की आशंका नहीं रहेगी।
नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि लाजपत बाजार व शास्त्रीनगर बाजार जर्जर हो चुके हैं। इनको जल्द गिराया जाएगा। निगम की अन्य जर्जर दुकानों को भी जल्द ही चिह्नित करके जेसीबी से गिराया जाएगा।