बरेली। कागजों पर चले संचारी रोग नियंत्रण अभियान की पोल खुली तो जिम्मेदारों ने सघन अभियान चलाकर गांवों में कार्य कराए। दिन भर झाड़ियां काटी गईं और नालियों की तलीझाड़ सफाई कराई गई। फिर रात में मच्छरों से निजात के लिए फॉगिंग अभियान चलाया गया।
एक से 30 अप्रैल तक चले अभियान में पिछले साल अतिसंवेदनशील रहे ब्लॉकों के गांवों में प्राथमिकता पर कार्य कराने के शासनादेश थे। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने घर-घर संदिग्ध मरीज तलाशे। बचाव के लिए जागरूक किया। जिला पंचायती राज विभाग का भी दावा था कि गांवों में पुख्ता कार्य हुआ। अमर उजाला ने जब कुछ गांवों का जायजा लिया तो सड़कों के किनारे झाड़ियां मिलीं। चोक नालियां उफना रही थीं। मच्छरों का प्रकोप मिला।
मामला प्रमुखता से प्रकाशित होने पर जिम्मेदार हरकत में आए। फतेहगंज पश्चिमी के सतुइया पट्टी, रामनगर के उदयभानपुर, आलमपुर जाफराबाद के दलीपुर में दिन में झाड़ियां काटी गईं। नालियां साफ हुईं। रात में फॉगिंग कराई। अन्य गांवों में भी एडीओ से कार्य की रिपोर्ट मांगी है।
एलटी की सफाई- केस दर्ज करने में सर्वर बना बाधा
मीरगंज के निवासियों की फतेहगंज पश्चिमी सीएचसी में हुई जांच के बाद चार लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव मिली थी। सूचना के बावजूद मीरगंज के एलटी ने पोर्टल पर केस दर्ज नहीं किया था। मामला सुर्खियां बना तो एलटी से जवाब मांगा गया। उसने बताया कि सर्वर की बाधा से केस पोर्टल पर दर्ज नहीं हुए थे। जिला मलेरिया अधिकारी सत्येंद्र कुमार के मुताबिक, मीरगंज के एलटी से सभी केस दर्ज कर कार्यालय से रिपोर्ट अपडेट करा दी है।
वर्जन
संचारी रोग नियंत्रण मुहिम के तहत कार्य नहीं कराए जाने की जानकारी पर एडीओ से रिपोर्ट मांगी है। टीम लगाकर सफाई, कटाई, फॉगिंग कार्य कराए गए हैं। शेष गांवों में भी कार्य कराने के निर्देश दिए गए हैं। - कमल किशोर, जिला पंचायती राज अधिकारी