बरेली। दूसरे प्रदेशों में पंजीकृत बसें भी जिले में डग्गामारी कर रही हैं। रोज ऐसी करीब 120 बसें जिले से होकर गुजरती हैं। ये यहां सवारियां भी बैठाती-उतारती हैं और माल की भी ढुलाई करती हैं। इसके बावजूद आरटीओ से लेकर पुलिस-प्रशासन तक के अफसर अनजान बने हुए हैं। कोई बड़ा हादसा होने पर एक-दो दिन चेकिंग कर खानापूरी कर दी जाती है। हालिया अभियान का असर सिर्फ इतना है कि इन बसों के संचालन के अड्डे बदल गए हैं। अब शहर के बाहरी हिस्से से इनका संचालन हो रहा है।
हाल ही में जयपुर में हादसे का शिकार हुई बस बरेली में ही पंजीकृत थी। पीलीभीत जिले के पूरनपुर कस्बे से उसका संचालन होता था। इस हादसे के बाद परिवहन विभाग की नींद टूटी और कुछेक बसों पर कार्रवाई कर खानापूरी कर दी। बाद में शासन से सख्ती दिखाई तो कार्रवाई का दायरा बढ़ाया गया। अधिकारियों का कहना है कि उनको जिले में पंजीकृत बसों की जानकारी होती है। बाहर की बसों के बारे में उनको कुछ पता नहीं। हां, चेकिंग के दौरान ऐसी कोई बस मानक के विपरीत पाई गई तो कार्रवाई की जाएगी।
जिले में नहीं है एआरटीओ प्रवर्तन की तैनाती
अवैध रूप से संचालित वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जिम्मेदारी परिवहन विभाग के प्रवर्तन दल की है। जिले में एआरटीओ प्रवर्तन की तैनाती ही नहीं है। एआरटीओ प्रशासन पीके सरोज पर ही एआरटीओ प्रवर्तन का भी चार्ज है। वह भी छुट्टी चल रहे हैं। ऐसे में अफसर कार्रवाई के नाम पर टालमटोल कर रहे हैं।
परमिट 85 का, दौड़ रहीं 150-200 बसें
परिवहन विभाग के अफसरों का कहना है कि ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट पर वाहन स्वामी अपनी जिम्मेदारी पर कभी भी किसी रूट पर बसों का संचालन कर सकता है। वह टैक्स भी जमा करता है, ऐसे में डग्गामारी नहीं हाे सकती। अब सवाल यह है कि जब जिले से 85 बसों को ही ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट जारी किए गए हैं तो 150-200 बसों का संचालन कैसे हो रहा है? टूरिस्ट परमिट की बसें पार्सल की ढुलाई कैसे कर रही हैं? इसके लिए कौन जिम्मेदार है?
माहभर में 122 बसों का चालान, 22 सीज
आरटीओ प्रवर्तन प्रणव झा ने बताया कि अक्तूबर में मंडल में अभियान चलाकर 560 बसों की जांच की गई। इस दौरान 112 बसों का चालान और 22 को सीज किया गया है। तकनीकी रूप से अवैध मिलने पर पांच बसों पर कार्रवाई की गई है। 3.25 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया है। बरेली में छह बसें परमिट के बिना संचालन होती मिलीं। परमिट की शर्तों का उल्लंघन करने पर 18 बसों पर कार्रवाई की गई। 47 बसों का चालान व आठ को सीज किया गया। तीन बसों से 57 हजार का जुर्माना वसूला गया। बदायूं में 11 बसें परमिट शर्तों का उल्लंघन करते पाई गईं। कुल 11 बसों का चालान व चार को सीज किया गया। पांच बसों से 72 हजार का जुर्माना वसूला गया। पीलीभीत में चार बसें बिना परमिट पाई गईं। 26 बसें परमिट शर्तों का उल्लंघन कर रहीं थी। कुल 33 बसों का चालान व सात को सीज किया गया। नौ बसों से 1.46 लाख का जुर्माना वसूला गया। शाहजहांपुर में पांच बसें बिना परमिट पाई गईं। 14 बसें परमिट शर्तों का उल्लंघन कर संचालित हो रही थीं। 21 बसों का चालान व तीन को सीज किया गया। दो बसों से 50 हजार का जुर्माना वसूला गया।
वर्जन
मानकों के विपरीत संचालित हो रहे वाहनों पर हम कार्रवाई कर रहे हैं। जो बसें बाहर से आ रही हैं, उनकी जानकारी हमें नहीं होती। जब ऐसी बसें टीमों के सामने से गुजरती हैं तो उनकी जांच और कार्रवाई की जाती है। - पंकज सिंह, आरटीओ प्रशासन