उत्तर प्रदेश परिवहन निगम बिजली की बचत के लिए अपने बस अड्डों और वर्कशॉप में सोलर लाइटें लगवाएगा। शुरुआत में बरेली समेत प्रदेश के सात शहरों को शामिल किया गया है। सोलर लाइटें नेडा की ओर से लगाई जाएंगी, जिसकी टीम सर्वे कर चुकी है। इस प्रोजेक्ट के बजट का तीस प्रतिशत केंद्र सरकार देगी।
प्रदेश में बिजली की दिक्कत बढ़ती जा रही है। इसी के मद्देनजर परिवहन निगम की योजना बस अड्डों और रेंज वर्कशाप में सोलर लाइटें लगाने की है। लखनऊ में परिवहन अफसरों और यूपी नेडा के अधिकारियों ने मिलकर प्रोजेक्ट तैयार किया है। प्रयोग के तौर पर पहले सोलर लाइटें, बरेली, गाजियाबाद, फैजाबाद, मेरठ, बांदा, हरदोई और इलाहाबाद में लगाई जाएंगी। नवंबर में प्रोजेक्ट अधिकारी के नेतृत्व में नेडा की टीम ने सर्वे भी कर लिया था। यहां के रीजनल वर्कशॉप में बारह लाइटें लगाने की जरूरत पड़ेगी। बरेली और रुहेलखंड डिपो में अलग-अलग लाइटें लगेंगी। फिर पुराना रोडवेज और सैटेलाइट बस अड्डे पर सोलर लाइटें लगाई जाएंगी।
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मुख्यालय से सोलर लाइटें लगाने का आदेश है। नेडा की टीम रीजनल वर्कशॉप का सर्वे भी कर चुकी है। आगे का काम मुख्यालय के निर्देश पर होना है। सोलर लाइटें लगने पर बिजली की दिक्कत लगभग खत्म हो जाएगी। - एसके शर्मा, क्षेत्रीय प्रबंधक परिवहन निगम