शहीद गोकर्ण सिंह की पत्नी बच्चों समेत पिथौरागढ़ रवाना
बरेली। उड़ी में पाकिस्तानी गोलीबारी में शहीद हुए सैनिक गोकर्ण सिंह की शहादत से कैंट का बंगला नंबर 26 दहल उठा। उनकी पत्नी दो बच्चों के साथ यहां रहती थीं। सूचना पर वह बदहवास हो गईं। शनिवार दोपहर पत्नी व बच्चे पिथौरागढ़ रवाना हो गए।
जम्मू कश्मीर के उड़ी सेक्टर में पाकिस्तान की ओर से की गई गोलीबारी में शुक्रवार शाम पिथौरागढ़ निवासी सैनिक गोकर्ण सिंह व शंकर सिंह शहीद हो गए थे। कुमाऊं रेजिमेंट के सैनिक गोकर्ण सिंह मुनस्यारी के नापड़ गांव के निवासी थे। उनकी पत्नी तीन साल से बरेली कैंट के बंगला नंबर 26 में किराये पर रह रही थीं। स्थानीय समाजसेवी केएल गेरा ने बताया कि मकान मालिक सरदार पीतम सिंह के इस आवास में पर्वतीय समाज के कई और लोग किराये पर रहते हैं। गोकर्ण सिंह ने बच्चों को पढ़ाने के लिहाज से यहां रखा था। बेटा कक्षा दस में और बेटी कक्षा छह में पढ़ाई कर रही थी। रात करीब बारह बजे उनकी पत्नी को पति की शहादत की सूचना मिली। इसके बाद घर में चीखपुकार मच गई। सेना द्वारा वाहन की व्यवस्था कराई गई। शनिवार दोपहर 12 बजे परिवार पिथौरागढ़ रवाना हो गया। शहीद का शव वहीं लाकर अंतिम संस्कार करने की बात बताई गई।
जून में होना था रिटायर, रोज करते थे पत्नी को कॉल
गेरा ने बताया कि गोकर्ण सिंह को दो महीने बाद 30 जून को रिटायर होना था। इसके बाद उनकी बरेली में ही घर बनाकर बसने की योजना थी। पत्नी से रोज रात साढ़े दस बजे से 11 के बीच बात करते थे। कहते थे कि बहुत नाजुक जगह ड्यूटी कर रहा हूं। अगर रात 11 बजे तक कॉल न आए तो समझ लेना कि खतरा है। शुक्रवार रात उनकी कॉल नहीं आई तो पत्नी घबरा गईं। रात 12 बजे सीधे शहादत की सूचना मिली।