बरेली। गांवों को डिजिटल सुविधाओं से जोड़ने का सपना बजट की कमी से अटक गया है। राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत वित्त वर्ष 2019-20 में आठ, 2022-23 में 91 और 2024-25 में 16 पंचायतों का चयन कर वहां कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) का निर्माण कराया गया है। अब 2025-26 में चुनी गई 48 पंचायतों में से अब तक महज 35 केंद्रों का ही निर्माण पूर्ण हो सका है। इसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, सभी 48 केंद्रों के निर्माण के लिए 2.40 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत था, लेकिन 91.36 लाख रुपये ही मिले। उपलब्ध धनराशि से 35 सीएससी का निर्माण कराया गया। शेष 13 पंचायतों में बजट के इंतजार में काम प्रभावित है।
मिलेंगी ये सुविधाएंसीएससी तैयार होने पर ग्रामीणों को आय, जाति, निवास और चरित्र प्रमाणपत्र, खतौनी व कुटुंब रजिस्टर की नकल जैसी सुविधाओं के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। इसके अलावा दिव्यांग प्रमाणपत्र, छात्रवृत्ति आवेदन, शादी व बीमारी अनुदान, कृषक दुर्घटना सहायता, जन शिकायत, राशन कार्ड, रोजगार और श्रमिक पंजीकरण समेत कई सेवाएं पंचायत स्तर पर उपलब्ध होनी हैं।
वर्जन
शासन स्तर से 48 गांवों में सीएससी का निर्माण होना है। 35 गांवों में ये बनकर तैयार हो गए हैं। जितनी धनराशि मिली है, उसके अनुसार निर्माण कराया गया है। शेष धनराशि मिलते ही बाकी कार्य भी पूरा कराया जाएगा। - कमल किशोर, डीपीआरओ