बुद्ध पूर्णिमा वैशाख माह की पूर्णिमा तिथि के दिन मनाई जाती है। ज्योतिषाचार्य के मुताबिक इस बार पूर्णिमा तिथि 22 मई को शाम 06:47 बजे से शुरू होगी जो 23 मई को शाम 7:22 बजे तक रहेगी।
वैशाख मास की पूर्णिमा का विशेष महत्व है। इसी दिन भगवान विष्णु का बुद्धावतार और कूर्मावतार हुआ था। ज्योतिषाचार्य पंडित मुकेश मिश्रा ने बताया कि इस बार पूर्णिमा तिथि 22 मई को शाम 06:47 बजे से शुरू होगी जो 23 मई को शाम 7:22 बजे तक व्याप्त रहेगी। उदयातिथि के अनुसार वैशाख पूर्णिमा 23 मई को मनाई जाएगी।
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इस बार पूर्णिमा पर शिव योग के साथ सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है। इस दिन विशाखा नक्षत्र रहेगा और वृषभ राशि में सूर्य ,बृहस्पति और शुक्र त्रिग्रही योग का निर्माण करेंगे। यह सभी मंगलकारी संयोग बेहद शुभ माने जाते हैं। इस दिन किए गए दान-पुण्य का कई गुना फल प्राप्त होगा। आर्थिक तंगी दूर होगी। पितृ दोष से भी मुक्ति मिलेगी।
इस दिन सुबह स्नानादि से निवृत्त होकर किसी ऐसे मंदिर जाएं, जहां पीपल हो। पीपल की जड़ में जल, गाय का दूध चढ़ाएं। कुमकुम, चंदन अबीर, गुलाल, फूल आदि पूजन सामग्री चढ़ाएं। धूप-दीप जलाकर आरती करें। पूजा के बाद पीपल की परिक्रमा करें। भगवान विष्णु की पूजा करें। जरूरतमंद लोगों को धन, अनाज आदि का दान करें। गाय को घास खिलाएं।