चौबारी मेला में उमड़ी भीड़ से बदायूं रोड पर पूरे दिन जाम की स्थिति रही। बड़े वाहनों का रूट डायवर्ट करने के बावजूद जाम से छुटकारा नहीं मिल सका। महेशपुर ठाकुरान की रेल फाटक बार-बार बंद होने से वाहन उसमें घंटों फंसे रहे। उसके आगे निकलने पर भी रेंगने जैसी स्थिति बनी रही। रामगंगा पुल का जाम खुलवाने को पूरे दिन पुलिस कर्मी जूझते रहे, लेकिन शाम को भी पुल पर जाम लगे रहने से लोगों को काफी परेशानी हुई।
बदायूं रोड पर जाम का असर शहर के चौपुला चौराहा पर भी पड़ा। चौबारी तक जाने का रास्ता यहां से होने की वजह से चौराहे के अलावा चौपुला के पुल पर भी पूरे दिन जाम लगा रहा। हालांकि पुलिस प्रशासन ने जाम न लगने देने के लिए जगह-जगह पुलिस कर्मियों को लगाया था, लेकिन इंतजाम नाकाफी रहे।
शहर की ओर से चौबारी मेला जाने के लिए महेशपुर ठाकुरान की रेलवे क्रॉसिंग काफी बाधक रही। यह क्रॉसिंग हर आधे घंटे में ट्रेनों की आवाजाही से बंद हो जाती थी, जिससे दोनों ओर सैकड़ों वाहनों की लाइन लग जाती थी। फाटक खुलने पर सारे वाहन निकल भी नहीं पाते थे कि क्रॉसिंग पुन: बंद होने लगती थी। इससे फाटक पर पूरे दिन जाम की स्थिति रही, जो धीरे-धीरे बढ़कर लगभग एक किलोमीटर आगे रामगंगा के पुल तक पहुंच गई। रामगंगा चौकी के पास से स्नान घाट को जाने के लिए रास्ता बनाया गया था। इस रास्ते पर वाहनों के जाने की छूट से भी बदायूं रोड पर लगातार जाम की स्थिति बनी रही। रामगंगा पुल पर बड़ी संख्या में वाहन फंस गए। दोनों ओर फंसे वाहनों को निकालने में पुलिस के भी छक्के छूट गए। हालात यह थे कि वाहन तो निकलना दूर पैदल यात्री भी नहीं निकल सके। चौबारी से जाने वाला लाल फाटक रोड भी जाम से अछूता नहीं रहा। यहां भी पूरे दिन जाम लगा रहा।
जाम में फंसीं रोडवेज बसें, सवारियों ने रद कराए टिकट
रामगंगा पर लगे जाम से रोडवेज बसों का संचालन काफी प्रभावित रहा। इस जाम में रोडवेज की बसें भी फंसी रहीं, जिन्हें उस जाम से रेंगते हुए निकलने में तीन से चार घंटे तक लग गए। इसमें आगरा, मथुरा, अलीगढ़, एटा दिशा से बदायूं के रास्ते बरेली आने वाली दूसरे जिलों की बसों के अलावा बरेली की भी 20-25 बसें शामिल रहीं।
उधर, यहां पुराने रोडवेज पर तमाम सवारियों को बसों के इंतजार में खड़े रहना पड़ा। क्यों कि उन्हीं बसों को यहां आकर वापस भी जाना था। इसमें मथुरा से बरेली आ रही रैपिड लाइन बस भी फंसी हुई थी। इस रैपिड लाइन बस से सवारियों को बरेली से मथुरा दिशा में जाना था। उनका आरक्षण भी था, जो उस बस के इंतजार में परेशान थे। जल्दी न आने की संभावना को देखते हुए एक दो सवारियों को अपना टिकट भी रद कराना पड़ा और वह दूसरी बस से रवाना हुए।