गाजियाबाद के लोनी इलाके में 12 जुलाई को रास्ता खोलने के विवाद में हॉर्न बजाने पर रीतराम कॉलोनी निवासी विपिन प्रजापति की दो गोलियां मारकर हत्या की गई थी। इस घटना के मुख्य आरोपी 20 हजार रुपये के इनामी सोनू को बदायूं जिले की बिनावर थाना पुलिस ने तमंचे में गिरफ्तार दिखाकर चालान कर दिया। सच्चाई सामने आने के बाद इस मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
वारदात के बाद ही सोनू भागा हुआ था। गाजियाबाद पुलिस ने उस पर 20 हजार रुपये का इनाम घोषित किया। पुलिस के साथ ही वहां की एसओजी भी सोनू की तलाश में जुट गई। सोनू की गिरफ्तारी न होने पर पीड़ित परिवार ने डीएम दफ्तर पर मृतक की अस्थियां रखकर प्रदर्शन किया। तब तीन दिन में गिरफ्तारी का आश्वासन दिया गया।
बिनावर पुलिस ने की गिरफ्तारी
बदायूं जिले की बिनावर थाना पुलिस के दरोगा बलवीर सिंह ने 23 जुलाई को करावल की पुलिया के पास से तमंचे के साथ एक आरोपी की गिरफ्तारी दिखाई। बलवीर सिंह के मुताबिक, आरोपी ने अपना नाम सोहनपाल उर्फ सूजल और खुद को दिल्ली का निवासी बताया। पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया। यहां से उसे जेल भेज दिया गया।
15 लाख में सौदे की चर्चा, जांच शुरू
बदायूं जिले की पुलिस पर पहले भी दूसरे जिलों के बड़े अपराधियों को मामूली मामले में जेल भेजने के आरोप लगते रहे हैं। इस मामले में भी थाना प्रभारी अरिहंत और दरोगा बलवीर पर इसी तरह के गंभीर आरोप लग रहे हैं। हालांकि अरिहंत ने सफाई दी है कि उन्हें अगर आरोपी ने नाम पता गलत बताया तो वह क्या कर सकते थे। मामले में डीआईजी बरेली अजय कुमार साहनी ने बताया कि वह जानकारी करके बता पाएंगे क्या मामला है।