फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पति के साथ न होने पर डॉक्टर ने दुष्कर्म पीड़ित को नहीं किया भर्ती

विज्ञापन
विज्ञापन
बदायूं। राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य चंद्रमुखी से आरोपी ड्राइवर जसपाल के परिजनों ने बताया कि पति के साथ न होने की वजह से दुष्कर्म की शिकार महिला को चंदौसी के अस्पताल में भर्ती करने से मना कर दिया गया।
विज्ञापन

जसपाल की बेटी और पत्नी ने बताया कि जसपाल घटना की रात आरोपी वेदराम के फोन पर बुलाने के बाद जसपाल गाड़ी लेकर चला गया था। रात करीब 11-12 बजे जब वह घर लौटा तो उसने परिवार वालों को बताया था कि महिला को काफी खून निकल रहा था, जिससे उसे चंदौसी अस्पताल ले गए थे। लेकिन डॉक्टरों ने उसे यह कहकर भर्ती नहीं किया कि उसका पति साथ नहीं आया है। इससे संभावना जताई जा रही है कि समय से इलाज मिलने पर महिला की जान बचाई भी जा सकती थी।
जसपाल के परिजनों ने उसे निर्दोष बताया। उनके अनुसार रविवार की रात आठ बजे के लगभग वेदराम का फोन जसपाल के पास आया था कि एक मरीज है, गाड़ी लेकर आ जाओ। इस पर जसपाल वहां चला गया था। उसे तो पता तक नहीं था कि वहां क्या हुआ है? वह तो केवल बतौर ड्राइवर अपनी गाड़ी लेकर वहां गया था। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस को जसपाल समेत आरोपियों की कॉल डिटेल निकलवानी चाहिए, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।
विज्ञापन

सीबीआई जांच की मांग
जिस समय राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य चंद्रमुखी मृतका के घर पहुंची तो आरोपी ड्राइवर जसपाल की पत्नी चंद्रकली और बेटी कौष्टी भी वहां पहुंच गईं।े। उन्होंने चीख चीखकर कहा कि जसपाल बेगुनाह है। उसे फंसाया गया है। वह तो ड्राइवरी करके अपने परिवार का पेट पालता है। उसे तो पता तक नहीं था कि धर्मस्थल पर क्या हुआ है। उसकी बेटी कौष्टी ने कहा कि यदि उसका पिता दोषी है तो उसे फांसी दे दो। लेकिन इस मामले की सीबीआई जांच कराई जानी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें