उघैती (बदायूं)। सामूहिक दुष्कर्म और महिला की हत्या के मामले में सस्पेंड किए गए राघवेंद्र प्रताप सिंह के बाद इंस्पेक्टर देवेंद्र कुमार धामा को उघैती का चार्ज दिया गया है। इस समय अधिकारियों और नेताओं के आने-जाने से इलाके में सरगर्मी बढ़ गई है। उन्हें इस मामले के साथ इलाके में क्राइम रोकना बड़ी चुनौती होगा।
इस मामले में सस्पेंड इंस्पेक्टर राघवेंद्र प्रताप सिंह की लापरवाही से पुलिस की छवि पर दाग लग गया। पूरे पुलिस प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं। अगर इंस्पेक्टर उसी समय मामले को गंभीरता से लेते और इसे हादसा बनाने की कोशिश न करते तो शायद यह मामला इतना चर्चित न होता, और न ही आरोपी फरार होते। अब यह मामला सुर्खियों में आने के बाद सभी अधिकारियों की नजर में आ चुका है। इससे पुलिस प्रशासन बेहद सख्त हो गया है। संभल जिले से आए नए इंस्पेक्टर देवेंद्र कुमार धामा को उघैती थाने का चार्ज दे दिया गया है।
आंवला के मधपुरी गांव निवासी है आरोपी पुजारी सत्यनारायण
बदायूं। मुख्य आरोपी पुजारी सत्यनारायण दास बरेली के आंवला कोतवाली क्षेत्र में भी दबिश दी है। पुजारी सत्यनारायण दास पुत्र बाबू सिंह बरेली में आंवला कोतवाली क्षेत्र के ग्राम मधपुरी का रहने वाला है। पहले उसका नाम सत्यपाल था। यहां आने के बाद उसने अपना नाम बदलकर सत्यनारायण दास रख लिया। पुलिस ने उसके गांव मधपुरी में भी दबिश दी है। देर रात आरोपी को दबोच लिया गया।