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Bareilly News: अमर उजाला ने दिखाया स्कूल का हाल... निरीक्षण करने पहुंचे बीएसए, प्रधानाध्यापिका को किया निलंबित

Sat, 30 Aug 2025 08:06 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

बरेली में अमर उजाला ने जसौली के कंपोजिट विद्यालय की बदहाली को उजागर किया। इस खबर का संज्ञान लेकर बीएसए शनिवार को स्कूल का निरीक्षण करने पहुंचे तो उन्हें गंदगी का अंबार मिला। इस पर उन्होंने स्कूल की प्रधानाध्यापिका निलंबित कर दिया।
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स्कूल परिसर में खड़ी झाड़ियां - फोटो : संवाद
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विस्तार
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अमर उजाला में 29 अगस्त के अंक में प्रकाशित खबर सरकारी व्यवस्था बदहाल, निजी स्कूल मालामाल का बड़ा असर देखने को मिला है। इस खबर में बरेली के जसौली के कंपोजिट विद्यालय की बदहाली को उजागर किया गया था, जिसके बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय सिंह ने तत्काल कार्रवाई की है। विद्यालय की प्रधानाध्यापिका पूनम गंगवार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

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अमर उजाला ने अपनी खबर में बताया था कि कैसे नाम के लिए मॉडल स्कूल कहलाने वाला यह विद्यालय असल में बदहाली का शिकार है। खबर में शौचालयों की गंदगी, टूटे दरवाजे और स्कूल परिसर में फैली अव्यवस्था का जिक्र किया गया था। इसी खबर के संज्ञान में आने पर बीएसए ने शनिवार को विद्यालय का औचक निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान शौचालय अत्यधिक गंदे पाए गए। शौचालयों के दरवाजे टूटे हुए थे और बाहर मल पड़ा हुआ था, जिससे दुर्गंध आ रही थी। जांच में कंपोजिट ग्रांट के दुरुपयोग और गंभीर वित्तीय अनियमितताओं की पुष्टि भी हुई। बच्चे कक्षाओं के बाहर घूम रहे थे और कई कक्षाएं भी बंद मिली। इससे यह भी सामने आया कि शैक्षिक गुणवत्ता बहुत खराब थी। पिछले कुछ वर्षों से स्कूल में विद्यार्थी संख्या लगातार घट रही थी, जो स्कूल के गिरते स्तर का एक और प्रमाण है। 

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लापरवाही बरतने पर हुई कार्रवाई 
जांच में पाया गया कि सभी सहायक अध्यापकों और कर्मचारियों के बावजूद प्रधानाध्यापिका का उन पर कोई प्रभावी नियंत्रण नहीं था, जिसके चलते स्कूल की साफ-सफाई और शैक्षणिक माहौल पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा था। इन सभी बिंदुओं को देखते हुए प्रधानाध्यापिका पूनम गंगवार को अपने कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही बरतने और विद्यालय की दुर्दशा के लिए प्रथमदृष्टया दोषी पाया गया है। निलंबन की अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।

बीएसए संजय सिंह ने कहा कि सरकारी स्कूलों की बदहाली बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। यह बात सभी को साफ तौर से समझ लेनी चाहिए कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और शिक्षकों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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