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अबकी कहीं सूनी न रह जाए भाई की कलाई

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बरेली जंक्शन पर पडे़े पार्सल। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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पीलीभीत, हल्द्वानी, अलीगढ़ के लिए बंद है ट्रेनों का संचालन
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जंक्शन से गुजर रही हैं केवल 16 ट्रेनें, चार पंजाब रूट की

बरेली। दूर रहने वाले भाइयों को राखी भेजने में इस बार बहनों को कुछ मुश्किल आ सकती है। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि रुटीन की ट्रेनें इन दिनों बंद चल रही हैं, जिसके चलते राखी के पार्सल जंक्शन पर डंप पड़े हैं। इनमें सबसे ज्यादा परेशानी ब्रांच लाइन के स्टेशनों के शहरों की है, जहां कोई ट्रेन नहीं चल रही है। यहां बता दें कि लॉकडाउन के बाद से बरेली जंक्शन से केवल 16 जोड़ी ट्रेनें ही गुजर रही हैं, जिनमें केवल चार ट्रेनें पंजाब और 12 ट्रेनें दिल्ली रूट की हैं।
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लॉकडाउन से पहले जंक्शन से रोजाना पौने दो सौ ट्रेनें गुजरती थीं। 25 मार्च को लॉकडाउन की वजह से रेलवे ने सभी ट्रेनों का संचालन बंद कर दिया। एक जून से रेलवे ने 16 ट्रेनों का संचालन शुरू किया, लेकिन ब्रांच लाइन की ट्रेनों का संचालन शुरू नहीं किया है। रक्षा बंधन तीन अगस्त का है। ऐसे में बहनों की राखियां जंक्शन के पार्सल घर में डंप पड़ी हुई हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत चंदौसी, अलीगढ़, मथुरा, आगरा, पीलीभीत, लालकुआं, हल्द्वानी, टनकपुर, खटीमा आदि शहरों में पार्सल पहुंचने की है। इन शहरों के लिए कोई ट्रेन नहीं चल रही है। दूसरी ओर जंक्शन से गुजर रहीं ट्रेनें ज्यादातर लखनऊ, वाराणसी, पटना रूट की हैं। इन ट्रेनों का ठहराव भी दो मिनट का है, जिससे पार्सल की लोडिंग- अनलोडिंग संभव नहीं हो पाती है। हालांकि रेलवे ने अमृतसर से हावड़ा तक पार्सल स्पेशल ट्रेन रोजाना चलाई है। ऐसे में जंक्शन पर पार्सल के अंबार लग गए हैं। इनके पास अब रोडवेज बसों का ही सहारा बचा है, लेकिन जो पार्सल जंक्शन पर आ चुके हैं, उनकी डिलीवरी होना राखी के इन 12 दिनों में होना संभव नहीं दिख रहा।
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